सहारनपुर। गेहूं खरीद ने रफ्तार पकड़ ली है। गत वर्ष 27 अप्रैल तक जहां 4088 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था वहीं इस बार इसी अवधि में 13807 मीट्रिक टन खरीद हुई है। जो गत वर्ष की तुलना में 9719 मीट्रिक टन अधिक है।
किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य दिलाने के उद्देश्य से सरकार गेहूं की खरीद कराती है। इसके लिए जनपद में 99 क्रय केंद्र खोले गए हैं। इनमें खाद्य विभाग के 11, प्रादेशिक कोऑपरेटिव फेडरेशन के 62, प्रादेशिक कोऑपरेटिव यूनियन के 17, मंडी परिषद के तीन और भारतीय खाद्य निगम के छह क्रय केंद्र शामिल हैं। इन सभी क्रय केंद्रों पर खरीद हो रही है। सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य 2425 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किया है। शुरूआत में गेहूं खरीद की गति धीमी रही, अब जाकर क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद ने रफ्तार पकड़ी है।
प्रदेश सरकार ने जनपद को 58000 मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य दिया है। जब तक जनपद में 3519 किसानों से 13807.735 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो चुकी है,जो लक्ष्य का 24 फीसदी है।
- तहसील स्तरीय टीम करेगी अवैध खरीद एवं भंडारण की निगरानी
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने गेहूं की अवैध खरीद, भंडारण और संचरण पर रोक लगाने के लिए तहसील स्तरीय कमेटी का गठन किया है। इसमें सभी उप जिलाधिकारियों को अध्यक्ष, मंडी सचिव एवं मंडी निरीक्षक को संयोजक बनाया गया है। संबंधित वरिष्ठ बाट माप निरीक्षक और विपणन निरीक्षक सदस्य होंगे। यह टीम गेहूं के बड़े व्यापारियों, कमीशन एजेंट, थोक विक्रेता, फ्लोर मिल मालिक, ग्राम व्यापारियों के अवैध खरीद, भंडारण एवं संचरण पर निगाह रखेगी। साथ ही हरियाणा जाने वाले गेहूं पर भी रोक लगाएगी।
वर्जन
जनपद में अब तक 13807.735 मीट्रिक टन गेहूं खरीद हो चुकी है। जो लक्ष्य का 24 प्रतिशत है। सभी क्रय केंद्रों पर गेहूं खरीद को बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। जिससे जनपद को मिले लक्ष्य को पूरा किया जा सके। - आरपी पटेल, जिला खाद्य विपणन अधिकारी