सहारनपुर। सांसद इमरान मसूद ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत कौशल विकास प्रशिक्षण से संबंधित सवाल पूछा। उन्होंने पूछा कि सरकार कौशल प्रशिक्षण को शिक्षा के साथ जोड़ने और उसे अनिवार्य बनाने की दिशा में क्या योजना बना रही है।
संसदीय कार्य प्रभारी विपिन जैन ने बताया कि सवाल का जवाब केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार ने दिया। बताया कि सरकार शिक्षा के साथ-साथ व्यवहारिक कौशल को बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। नई शिक्षा नीति का उद्देश्य छात्रों को केवल शैक्षणिक डिग्री तक सीमित न रखते हुए उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के लिए औद्योगिक कौशल से जोड़ना है।
मंत्री ने बताया कि समग्र शिक्षा योजना के तहत कक्ष नौ से 12वीं तक के छात्रों के लिए स्किल कोर्स संचालित किए जा रहे हैं। तकनीकी शिक्षा में इंडस्ट्री से जुड़ाव को बढ़ाने के लिए मॉडल्स भी तैयार किए गए हैं। कौशल भारत मिशन के तहत ग्रामीण, पिछड़े और शहरी क्षेत्रों में व्यापक प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं।
राष्ट्रीय अप्रेंटिसशिप प्रशिक्षण योजना के तहत पिछले 5 वर्षों में 12.94 लाख युवाओं को ऑन-जॉब ट्रेनिंग दी गई है। विभिन्न उद्योगों से समझौता कर छात्रों और शिक्षकों को प्रशिक्षण, अपस्किलिंग और इंटर्नशिप के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं।