सहारनपुर। गर्मी और उमस के कारण त्वचा रोग की समस्या बढ़ गई है। जिला अस्पताल में सामान्य दिनों की तुलना त्वचा में खुजली, रैशेज और फोड़े-फुंसियों की समस्या वाले मरीज अधिक पहुंच रहे हैं। अन्य दिनों में जहां ओपीडी में 100 से 150 के बीच मरीज पहुंचते थे, वहां अब 200 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं।
काफी दिनों से मौसम बदल रहा है। उमस भरी गर्मी ने लोगों का जीना मुहाल कर दिया है। गर्मी व उमस में त्वचा रोग ने भी परेशानी बढ़ा दी है। गर्मी में पसीने के कारण फंगल इंफेक्शन, स्किन एलर्जी, त्वचा पर दाने, चकत्ते, दाद, खाज-खुजली और काले धब्बे पड़ने की समस्या को लेकर मरीज चिकित्सकों के पास आ रहे हैं। एसबीडी जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डाॅ. अंशु शर्मा ने बताया कि पसीने की वजह से खुजली व रेशेज की समस्या अधिक होती है। ऐसे में मरीजों को जहां तक हो सके साफ-सफाई रखें और त्वचा को सूखा रखें। पसीना सूखने के बाद नहाना चाहिए। त्वचा को सुखाकर पाउडर लगाएं। गर्मी और उमस से त्वचा रोग संबंधी मरीजों की संख्या बढ़ गई है।
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पसीना रुकने वाले स्थानों पर होता है फंगल इंफेक्शन
त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. अंशु शर्मा ने यह भी बताया कि शरीर पर पसीना रुकने वाले स्थानों पर फंगल इंफेक्शन हो जाता है। फंगल इंफेक्शन मुख्य रूप से नमी युक्त कपड़े पहनने से होता है। इससे बचने के लिए हमेशा सूखे कपड़े पहनें। यदि कपड़े गीले हों तो उन्हें बदलकर सूखे पहनने चाहिएं। अगर कोई दाद, खाज, खुजली या अन्य कोई समस्या होती है तो चिकित्सक की सलाह लेकर उपचार कराना चाहिए। त्वचा रोगी के कपड़े परिवार के अन्य सदस्यों से अलग रखें।