सहारनपुर। महानगर को स्मार्ट बनाने के लिए तमाम कोशिशें चल रही हैं। इसीलिए स्मार्ट सिटी का दर्जा भी दिया गया है। जिसके तहत तमाम विकास कार्य कराए जा रहे हैं। शहर की तीसरी आंख कहे जाने वाले सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल की तो बेहद खराब स्थिति मिली। शनिवार को 768 सीसीटीवी कैमरों में से 405 बंद मिले। यह केवल एक दिन की स्थिति नहीं है, बल्कि पिछले काफी समय से यह बंद है।
दरअसल, आईसीसीसी (इंट्रीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर) में पिक्चर हॉल के साइज की एलईडी स्क्रीन लगी है, जहां बैठकर अधिकारी और यातायात पुलिस महानगर में लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के जरिए शहर की हर एक गतिविधि पर नजर रखती है। महानगर में 900 से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने हैं, जिनमें से 768 कैमरे चालू कर दिए गए थे। आईसीसीसी की परिकल्पना यह है कि इसमें बैठकर कैमरों के जरिए स्क्रीन पर शहर की निगरानी, यातायात संचालन पर नियंत्रण और कमांडिंग की जा सके, लेकिन महानगर में जगह जगह अन्य कार्यों के लिए सड़कों को खोदे जाने से ओएफसी (ऑप्टीकल फाइबर केबल) कटे हुए हैं। इसकी वजह से ज्यादातर कैमरे बंद पड़े हैं। शनिवार को 768 में से 405 कैमरे बंद थे, जबकि केवल 363 चल रहे थे। यह स्थिति तब है, जबकि सहारनपुर को स्मार्ट सिटी में चयनित हुए छह साल और आईसीसीसी को चालू हुए तीन साल बीत चुके हैं।
यहां बंद हैं कैमरे
कई महीने से कलक्ट्रेट तिराहा, कोर्ट रोड क्षेत्र, दिल्ली रोड क्षेत्र आदि जगहों के कैमरे बंद पड़े हैं। बीते दिनों ऑफिसर्स कॉलोनी से मल्हीपुर रोड तक सीवर लाइन बिछाने के लिए जेसीबी से सड़क खोदी गई थी। उसमें भी ओएफसी कटे हुए हैं, जिसकी वजह से हरि मंदिर क्षेत्र के कैमरे भी बंद हैं। महानगर में अन्य जगहों पर भी कैमरे बंद बताए गए हैं।
सेफ सिटी का किया था वादा
महानगर को सेफ सिटी बनाने के लिए स्मार्ट सिटी के अधिकारियों ने प्रमुख चौराहों, मार्गों के साथ ही ऐसे स्थानों पर भी कैमरे लगवाए हैं, जहां आपराधिक घटनाएं होने की आशंका अधिक रहती है। इसी लिए शहर को सेफ सिटी बनाने का वादा किया गया था, लेकिन कैमरे बंद होेने से व्यवस्था धड़ाम है।