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Saharanpur News: रुपये भी दिए, चक्कर भी काट रहे, व्यवस्था कहती है... कल आइए

Sat, 27 Dec 2025 12:54 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर। मेरे परिवार के चार बच्चों के जन्म प्रमाणपत्र बनने हैं। नगर निगम के कर्मचारी कहते हैं एसडीएम कार्यालय जाओ। एसडीएम कार्यालय से कहा जाता है नगर निगम जाओ या कल आओ। छह महीने से ऐसे ही चक्कर लगवाए जा रहे हैं, जबकि प्रमाणपत्रों के लिए 2500 रुपये नगर निगम में दिए गए थे और दो हजार रुपये जांच के लिए आए कर्मचारी को दिए गए। यह पीड़ा है बेहट रोड के गांव रसूलपुर निवासी साबिर की। शुक्रवार को टीम ने इसका लाइव किया तो लोगों का दर्द कुछ इस तरीके से छलका।
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दरअसल, बीते दिनों महापौर डाॅ. अजय कुमार ने अनुभाग में छापा मारा था, जिसमें कई खामियां मिली थी। उसके बाद अनुभाग के मुख्य लिपिक को हटाने के साथ ही नए लिपिक को लगाया गया है, लेकिन व्यवस्था और बदतर हुई है। आरोप है कि अनुभाग के प्रभारी अधिकारी के यहां फाइलें लंबित रहती हैं। जिन लोगों के प्रमाण पत्र ज्यादा पुराने होते हैं। उनकी फाइल सत्यापन के लिए एसडीएम कार्यालय जाती है। सत्यापन की कोई समय सीमा निर्धारित नहीं होने के कारण पत्रावली लंबित पड़ी रहती है। इसकी वजह से प्रमाणपत्र समय से जारी नहीं हो पाते हैं। इसके अलावा जो फाइलें जांच के लिए एसडीएम कार्यालय जाती हैं वहां से भी समय से नहीं लौटती हैं। इसकी वजह से लोगों को चक्कर लगाने पड़ते हैं।

पीड़ितों की बात
-रसूलपुर निवासी साबिर का आरोप है कि उससे फाइल तैयार कराने के अलावा जांच के नाम पर भी रुपये लिए गए। इसके बावजूद छह महीने से निगम और एसडीएम कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं।
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-अक्षय कुमार ने बताया कि उनके परिवार के दो बच्चों के जन्म प्रमाण पत्र बनने हैं। जिन कर्मचारियों पर जांच की जिम्मेदारी है वह रुपये मांग रहे हैं। इसी कारण प्रमाण पत्र बनने में देरी हो रही है।
-अनिल कुमार ने बताया कि चार महीने पहले जन्म प्रमाण पत्र बनने दिया था। फाइल को खुद ही एसडीएम कार्यालय देकर आए और फिर वहां से निगम लाए, लेकिन अभी तक प्रमाण पत्र नहीं बना।
-मोहम्मद फरमान ने बताया कि उनकी पत्नी का मृत्यु प्रमाण पत्र बनना है। तीन महीने से चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आश्वासन की गोली देकर लौटा दिया जाता है। चक्कर काटकर परेशान हो चुके हैं।
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