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Saharanpur News: हिंडन नदी में बढ़ा जलस्तर, आवागमन बाधित, सैकड़ों बीघा फसल जलमग्न

Sat, 09 Aug 2025 12:40 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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भगवानपुर-चंदेना कोली मार्ग पर भरे हिंडन नदी के पानी से होकर भैंसा बुग्गी में चारा लाते ग्रामीण।
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बड़गांव। पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण बृहस्पतिवार रात हिंडन नदी में पानी का स्तर अचानक बढ़ गया। गन्ना, मक्का, धान, ज्वार की सैकड़ों बीघा फसल डूब गई। भगवानपुर चंदेना कोली संपर्क मार्ग पर तीन से चार फीट पानी बहने के कारण आवागमन पूरी तरह बंद हो गया है। ग्रामीण जान जोखिम में डालकर खेतों से चारा लाते दिखाई दिए।
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पिछले कई दिनों से सहारनपुर शहर में पांवधोई नदी और ढमोला नदी में जलस्तर बढ़ा हुआ था। आसपास की कई कॉलोनियों में पानी भर गया था। इन दोनों नदियों में पानी का स्तर कुछ कम हुआ तो वहीं बृहस्पतिवार रात हिंडन नदी में जलस्तर बढ़ गया। बड़गांव क्षेत्र में सबसे बुरे हालात रहे। शुक्रवार सुबह जब ग्रामीण खेतों की तरफ जाने लगे, तब उन्हें भगवानपुर चंदेला कोली मार्ग पर पानी ही पानी दिखाई दिया।
किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि हिंडन का पानी दूसरी सहायक नदियों में छोड़ा जाए तथा भगवानपुर में बने हिंडन नदी के पुल से करीब 200 मीटर आगे दो तीन छोटी-छोटी पुलिया का निर्माण कराया जाए, तभी बरसात के समय में दोनों गांव का संपर्क भी बना रहेगा तथा उनकी फसल बर्बाद होने से बच जाएगी।
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कुछ ऐसा है स्थानीय लोगों का दर्द
- भगवानपुर निवासी किसान कानसिंह राणा बताते है कि दो वर्ष पूर्व हिंडन नदी में ज्यादा पानी आने से भगवानपुर के साथ-साथ चंदेना कोली, नूनाबडी, बेलडा, सांवतखेडी, शब्बीरपुर, शिमलाना, महेशपुर, चिराऊ, बहेड़ा, नन्हेड़ा, पीपलों सहित किनारे बसे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा था। नदी किनारे बसे ग्रामीणों की हजारो बीघा गन्ने पशुओं के लिए चारे आदि की फसल बर्बाद हो गई थी।
- महेशपुर गांव निवासी किसान पप्पू उर्फ श्याम सिंह ने बताया कि अगर इसी तरह जलस्तर बढ़ता गया तो पानी गांव तक पहुंच जाएगा। पानी के कारण फसल पहले ही बर्बादी के कगार पर आ गई है। गांव में पानी घुसने पर और ज्यादा समस्या होगी।
- शिमलाना निवासी किसान मोहन राणा बताते है कि हिंडन नदी का जलस्तर बढ़ने से उन्हें दो वर्ष पूर्व की याद सता रही है। अगर इस बार भी हिंडन में इसे ज्यादा पानी आ गया तो उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा।
- हेड़ा निवासी किसान संजय कुमार का कहना है कि दो वर्ष पूर्व सरकार ने नदी किनारे खेतों का सर्वे कराकर हिंडन नदी में आए पानी से किसानों के नुकसान की भरपाई के लिए मुआवजा देने की घोषणा की थी। जो केवल ऊंट के मुंह में जीरा के समान रही थी। किसी किसान को एक हजार तो किसी को दो हजार रुपये की आर्थिक मदद दी गई थी।
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