सहारनपुर। रुड़की से निकलने वाली पीडीडीएफसी (पैरलल देवबंद डिविजन फीडर कैनाल) 25 मई से टूटी है, जिसकी वजह से सहारनपुर और शामली में सिंचाई का संकट बना हुआ है। अभी दो से तीन दिन ओर पानी की किल्लत झेलनी होगी।
पीडीडीएफसी गंदेवड़ संगम घाट से होते हुए शामली तक जाती है, जिसके पानी से शामली का बड़ा हिस्सा खेतों की सिंचाई करता है। उक्त कैनाल 25 मई से रुड़की क्षेत्र में टूटी हुई है, जिसकी वजह से सिंचाई के लिए पानी का संकट बना हुआ है। सहारनपुर-शामली को कल्लरपुर रजबहे से अपने भी हिस्से से पानी दे रहा है। वर्तमान में शामली को प्रतिदिन सिंचाई के लिए करीब 600 क्यूसेक पानी की जरूरत है, लेकिन 150 से 200 क्यूसेक ही मिल पा रहा है। जिसकी वजह से किसानों को नलकूप चलाने पड़ रहे हैं। उधर, सहारनपुर के हिस्से का पानी शामली जाने की वजह से यहां भी सिंचाई का संकट बना हुआ है। किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी नहीं मिल रहा है।
- सिंचाई के लिए पानी की स्थिति
हथिनीकुंड बैराज से पानी पूर्वी यमुनानहर में आता है। वहां से शेयर के अनुसार अपर खंड व शामली खंड को पानी बंटता है। शामली में पीडीडीएफसी द्वारा गंगनहर से पानी दिया जाता है। जबकि सहारनपुर में सलेमपुर रेगुलेटर से रजबहा कल्लरपुर से आता है। दोनों खंडों को प्रतिदिन 1400 से 1600 क्यूसेक पानी की जरूरत है। सिंचाई के लिए सहारनपुर में 11 रजबहे और 54 माइनर हैं। चार सब डिविजन हैं। इनमें तीन को पूर्वी नहर से और एक को खारा नहर से पानी मिलता है।