सहारनपुर। ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ ही ठोस और तरल कचरे के प्रबंधन का इंतजाम होगा। इसके लिए जिला पंचायतराज विभाग ने प्लान तैयार करने के साथ ही सर्वे कराया है। इसके तहत सोख्ता गड्ढे भी बनाए जाएंगे और ठोस कचरे को निर्धारित स्थान पर एकत्र कराकर निस्तारण कराया जाएगा।
जनपद में 887 ग्राम पंचायतें हैं। इन दिनों ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाए जाने का अभियान चलाया जा रहा है। जिला पंचायत राज विभाग का दावा है कि करीब 700 ग्राम पंचायत प्लास्टिक मुक्त हो चुकी हैं। इसके साथ ही अब स्वच्छ भारत मिशन के तहत ठोस और तरल कचरे के निस्तारण की व्यवस्था की जाएगी। इसके लिए अगले माह जनवरी से काम शुरू कराया जाएगा।
स्क्रैप कारोबारियों की लेंगे मदद
ग्राम पंचायतों में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध लगाया है, लेकिन इसके अलावा बार-बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के कचरे, कागज, थर्माकोल, दवाओं रैपर, कांच वाले कचरे को एक जगह एकत्र किया जाएगा, जिसे स्क्रैप कारोबारियों को बेचा जाएगा। इसकी जिम्मेदारी ग्राम प्रधानों और सचिवों की होगी।
सोख्ता गड्ढों में जाएगा गंदा पानी
ग्राम पंचायतों में घरों, स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों से निकलने वाले वाले जल सोख्ता गड्ढों के माध्यम से निस्तारण किया जाएगा। प्रत्येक ग्राम पंचायत में सोख्ता गड्ढे बनाए जाएंगे।
ग्राम पंचायतों को प्लास्टिक मुक्त बनाने के साथ ही कचरा प्रबंधन के इंतजाम किए जाएंगे। इसके लिए कार्य योजना तैयार की गई और सर्वे भी हो चुका है। अगले माह कार्य शुरू होंगे। - मनीष कुमार, जिला पंचायत राज अधिकारी