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मनरेगा: अब नहीं देता रोजगार की गारंटी

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सालों से रोजगार को भटक रहे, पेट भरना हुआ मुश्किल
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सहारनपुर। मनरेगा में रोजगार की गारंटी की योजना का सहारनपुर जनपद में पलीता लग रहा है। रोजगार की गारंटी को जनपद में सैकड़ों लोग मुंह देख रहे हैं। मनरेगा के खेल में ग्राम प्रधान और सचिव गरीबों का हक मार रहे हैं। शिकायतें खूब हो रहीं, लेकिन निस्तारण की गति बेहद धीमी है। आलम ये है कि पेट भरना भी गरीबों के लिए मुश्किल हो गया है। जनपद में कइयों के पास जॉब कार्ड होने के बावजूद सालों से काम तक नहीं मिला। जनपद में मनरेगा को लेकर रोजगार तलाश रहे लोगों से बात हुई तो स्याह हकीकत सामने आई।
मुजफ्फराबाद ब्लॉक के गांव फरीदपुर उर्फ मांडू वाला निवासी जॉब कार्ड धारक शशि कुमार पुत्र बनारसीदास, कुसुम पुत्र ज्ञानचंद, उर्मिला पत्नी समय सिंह को पिछले दो साल से कोई काम नहीं मिला है।
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छुटमलपुर क्षेत्र के गांवों में मनरेगा जॉब कार्ड धारक मजदूरों को काम नहीं मिल पा रहा है। मुजफ्फराबाद विकास खंड के गांव भोगपुर निवासी गोवर्धन पुत्र मंगत का कहना था कि उन्हें 4 माह पूर्व मात्र 6 दिन का काम मिला था। इसकी मजदूरी में भी 50 कम दिए गए थे। गांव बेहड़ा कला की सियावती पत्नी रामदास, फुलो पत्नी स्वर्गीय सकटू राम और नोरती पत्नी राम कुमार का कहना है कि एक साल में 10 से 12 दिन मजदूरी मिल पाती है। ऐसे में वे अपने बच्चों का भरण पोषण कैसे करें। गांव बेहड़ा कला के भीमसेन पुत्र धर्मपाल सिंह का कहना है कि उन्हें पिछले एक साल से काम नहीं मिला है। रामपुर मनिहारान में मनरेगा के जॉब कार्ड होने के बाद भी ग्रामीणों को काम नहीं दिया जा रहा है।
रामपुर मनिहारान के अनुसूचित जाति के गांव रामपुरी में ग्रामीणों के पास मनरेगा के जॉब कार्ड होने के बाद भी उन्हें चार वर्षों से काम नहीं दिया गया है। मांगेराम, शकुंतला देवी, रामकुमार, कली देवी, बालेश, इंद्रा, भतेरी, बृजपाल, विकास, सुखदा, सुमन आदि का कहना है कि उन्हें ग्राम प्रधान व सचिव मनरेगा योजना के तहत काम नहीं दे रहे हैं। मांगे राम का कहना है कि उसे दो वर्ष से कोई काम नहीं दिया गया, जबकि कली देवी के जॉब कार्ड में उसे वर्ष 2015 में काम दिया गया था उसके बाद उन्हें कोई काम नहीं दिया गया है।
गागलहेडी निवासी महेन्द्री, रेखा, बबीता ने बताया की तीन महीने से कोई कार्य नहीं मिला है। विकास खंड साढ़ौली कदीम की ग्राम पंचायत नुनियारी के गांव जोधेबांस निवासी जॉब कार्ड धारक लतीफन पत्नी जुल्फान, हनीफा पत्नी गुलफान, राजबीर पुत्र महाराम, फूलचंद, काला, रहमानी आदि का कहना है कि पिछले 2 साल से कोई काम नहीं मिला है।
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बिहारीगढ़ विकासखंड मुजफ्फराबाद के गांव बिहारीगढ़ में जॉब कार्ड धारक रानी देवी लीला अनीता का कहना है की मनरेगा के तहत प्रतिदिन मजदूरी का कार्य नहीं मिल पा रहा है। एक वर्ष पहले कार्य किया था। लीला देवी ने बताया कभी-कभी मिट्टी डालने का कार्य चार दिन किया तो मजदूरी दो दिन की मिली है।
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