सहारनपुर। कोतवाली सदर बाजार में दर्ज हुए मुकदमे में भीम आर्मी के राष्ट्रीय महासचिव कमल सिंह वालिया और राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मंजीत सिंह नोटियाल को जिला कारागार से पेशी पर लाया गया। दोनों को सीजेएम की कोर्ट में पेश किया गया। न्यायालय ने मंजीत के मामले में 24 दिसंबर और वालिया के मुकदमे में दो जनवरी की तारीख दी है।
रोक के बावजूद कोतवाली सदर बाजार क्षेत्र में धरना प्रदर्शन को लेकर कमल सिंह वालिया और मंजीत नोटियाल के खिलाफ पुलिस ने मामला दर्ज किया था, जिसकी चार्जशीट पुलिस ने न्यायालय में दाखिल की थी। इस मामले में सोमवार को कमल सिंह वालिया और नोटियाल को सीजेएम की न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट ने मंजीत के मामले में 24 दिसंबर और वालिया के मुकदमे में दो जनवरी की तारीख दी है।
उधर, कमल वालिया और मंजीत नोटियाल से मिलने के लिए दीवानी कचहरी परिसर में भीम आर्मी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की भीड़ रही। पदाधिकारियों ने कहा कि पुलिस ने उन्हें कमल वालिया और मंजीत नोटियाल से मिलने से रोका तो उनकी नोकझोंक हो गई। उन्होंने दावा किया कमल वालिया और मंजीत नोटियाल से उनकी बातचीत हुई, जिसमें कमल और नोटियाल ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी और शोषण के खिलाफ उनकी लड़ाई जारी रहेगी। बीजेपी सरकार में उत्पीड़न किया जा रहा है, जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
इस दौरान राष्ट्रीय बुल्ला शाह, प्रशांत, श्याम कुमार, संजय फौजी, मो. उमरदीन, हरि किशन, बीर सिंह, तुलाराम, टेकचंद, महेश बाबू, गोविंद, अरुण, रजनीश सहित भीम आर्मी कार्यकर्ता मौजूद रहे।