अंबेहटा के चडाव में मतदान बहिष्कार कर नारेबाजी करते ग्रामीण
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अंबेहटा (सहारनपुर)। किशोरी को अगवा करने का प्रयास के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी न होने से नाराज ग्रामीणों ने मतदान का बहिष्कार कर नारेबाजी की। इससे प्रत्याशियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में मौके पर पहुंचे अधिकारियों और प्रत्याशियों ने ग्रामीणों की मान मनौव्वल कर आरोपियों पर सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला उन्हें मतदान के लिए राजी किया।
गंगोह विधानसभा क्षेत्र के एक गांव की किशोरी को गांव के ही कुछ युवकों ने दस फरवरी को अगवा करने का प्रयास किया था। किशोरी के परिजनों की ओर से तहरीर पुलिस को दी गई थी। इस पर पुलिस ने रिपोर्ट तो दर्ज कर ली थी, लेकिन किसी भी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। परिजनों का कहना है कि नामजद आरोपी खुलेआम घूम रहे हैं। इस बात को लेकर सोमवार को मतदान वाले दिन ग्रामीणों ने बूथ पर पहुंच कर मतदान के बहिष्कार की घोषणा कर दी। इसके बाद पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में सीओ नकुड़ अरविंद सिंह पुंडीर, कोतवाल नकुड़ उमेश रोरिया, चौकी प्रभारी प्रमोद कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। इसी दौरान बसपा प्रत्याशी नोमान मसूद, गठबंधन प्रत्याशी चौधरी इंद्रसेन भी मतदान बहिष्कार की सूचना पर ग्रामीणों के बीच पहुंचे। सभी ने ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया।
सीओ नकुड़ अरविंद सिंह पुंडीर ने ग्रामीणों को बताया कि मामले में रिपोर्ट दर्ज है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने ग्रामीणों से अपने मताधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया। इसके बाद ग्रामीण मतदान के लिए राजी हो गए। करीब डेढ़ बजे बहिष्कार करने वाले ग्रामीणों ने अपना मतदान शुरू किया। इसके बाद अधिकारियों राहत की सांस ली। सीओ अरविंद पुंडीर ने बताया कि चुनावी व्यस्तता की वजह से गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी। जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
अंबेहटा के चडाव में मतदान बहिष्कार के बाद खाली पड़ा बूथ- फोटो : SAHARANPUR