सहारनपुर। कोरोना काल में बच्चों की पढ़ाई बाधित न हो, उसके लिए शासन ने वर्चुअल स्कूल की व्यवस्था शुरू की। तीन सप्ताह से यह व्यवस्था चल रही है। बावजूद जिले के आधे से भी कम बच्चे वर्चुअल स्कूल से जुड़े पाए गए हैं और 56 फीसदी बच्चे इससे दूर हैं। ऐसे में बच्चों की पढ़ाई आखिर कैसे पूरी हो पाएगी। हालांकि 21 सितंबर से कक्षा 9 से 12 तक के स्कूल खुलने पर पढ़ाई विधिवत शुरू होने की उम्मीद है।
जनपद में कक्षा नौ से 12वीं तक के विद्यार्थियों की कुल संख्या 1,01,987 है। बीते करीब चार सप्ताह से पढ़ाई की नई व्यवस्था वर्चुअल स्कूल के तहत बच्चों को पठन और पाठन कार्य कराया जा रहा है। विभिन्न जनपदों के शिक्षकों द्वारा अलग-अलग विषयों पर तैयार वीडियो दूरदर्शन उत्तर प्रदेश पर प्रसारित किए जा रहे हैं। विभागीय स्तर पर इसके लिए प्रयास किए गए हैं। बावजूद अभी तक 44, 854 छात्र इससे जुड़ पाए हैं, जबकि 57,133 छात्र अभी तक भी नहीं जुड़े हैं।
जनपद में विद्यालयों की संख्या
- राजकीय हाई स्कूल एवं माध्यमिक विद्यालय- 56
- एडेड माध्यमिक विद्यालय- 81
- अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय- 135
शिक्षक और विद्यालय लापरवाह
जनपद के माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों की कुल संख्या 3379 है। विभागीय निर्देशों के बावजूद अभी तक 2842 शिक्षक नई व्यवस्था वर्चुअल स्कूल से जुड़े हैं। अब भी 337 शिक्षक दिलचस्पी नहीं ले रहे हैं। उधर, कुल 335 विद्यालयों में से करीब एक दर्जन विद्यालय ऐसे भी हैं, जो अभी तक व्यवस्था से जुड़े नहीं हैं।
ऐसे होती है मॉनिटरिंग
जनपद को 12 ब्लॉकों में बांटा गया है। इन 12 ब्लॉकों के विद्यालयों में चल रहे वर्चुअल स्कूलों की व्यवस्था पर नजर रखने के लिए विभाग ने 39 स्कूल नोडल नियुक्त किए हैं। इनके बाद ब्लॉक स्तर पर एक-एक नोडल बनाया गया है, जो 39 नोडल से फीडबैक लेकर जिला स्तर पर नोडल बनाई गई जीजीआईसी की प्रधानाचार्य शोभा चौधरी को फीड बैक देते हैं।
अभी तक 20 वीडियो का चयन
दूरदर्शन पर चलने वाली कक्षाओं के लिए सहारनपुर के शिक्षकों ने भी वीडियो बनाकर भेजे हैं। खास बात यह है कि सहारनपुर के शिक्षकों के 20 वीडियो का चयन प्रदेश स्तर पर किया गया है। अब एनसीईआरटी स्तर पर चयन होना है। चार वीडियो प्रगति पर हैं।
स्कूलों में रखे गए ड्रॉप बॉक्स
दूरदर्शन पर चलने वाली कक्षाओं को देखने के बाद छात्रों को सवालों के जवाब लिखकर व्हाट्स एप नंबर पर भेजने पड़ते हैं। जिन छात्रों के पास स्मार्ट फोन नहीं है। उनके लिए विद्यालयों के गेट पर ड्रॉप बॉक्स रखे गए हैं, जिनमें वह कॉपी या कागज पर सवालों के जवाब लिखकर डाल कर जाते हैं। कक्षा नौ से 12 तक के लिए अलग-अलग ड्रॉप बॉक्स रखे गए हैं।
नई शिक्षा व्यवस्था वर्चुअल स्कूल सहारनपुर में बेहतर तरीके से कार्य कर रहा है। चौथा सप्ताह है, जिसमें अभी तक 44 फीसदी विद्यार्थी जुड़ सके हैं यानी जो टीवी देेख रहे हैं। यह संख्या हर सप्ताह बढ़ रही है। हम साप्ताहिक डाटा तैयार कर रहे हैं। प्रदेश में कई जनपदों से बेहतर कार्य सहारनपुर में हो रहा है।
शोभा चौधरी, नोडल अधिकारी/प्रधानाचार्य जीजीआईसी सहारनपुर।