सहारनपुर के बेहट में पिछले छह महीने से गांव खुर्रमपुर के जंगल में आतंक का पर्याय बने गुलदार को रविवार की शाम ग्रामीणों ने घेर लिया। भीड़ को देखकर घबराया गुलदार बरसाती नाले में लगाए सीमेंट के बड़े पाइप में घुस गया।
सूचना मिलने पर वन विभाग के अधिकारी एवं कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंच गई। कई बार गुलदार ने गर्जना के साथ ग्रामीणों पर हमला करने का भी प्रयास किया, लेकिन भीड़ को देखकर वह पाइप के अंदर चला जाता था।
खबर लिखे जाने तक वन विभाग के अधिकारी मेरठ से बुलाई गई पिंजरा यूनिट का इंतजार कर रही थी। बता दें कि पिछले छह महीने से गांव खुर्रमपुर के जंगल में नर व मादा गुलदार का जोड़ा घूम रहा है।
अब गुलदार के इस जोड़े के साथ दो शावक भी देख जा रहे हैं। ग्राम प्रधान सुखपाल काम्बोज ने बताया कि उनके गांव में कोई भी आवारा कुत्ता नहीं बचा। सभी को गुलदार अपना निवाला बना चुके हैं।
डेढ़ महीने गुलदार के इस जोड़े ने सुलेमान की चार बकरियों को खा लिया था। कुछ महीने पहले गांव के ही वहीद पर गुलदार ने जानलेवा हमला कर उसे जख्मी कर दिया था।
रविवार की बिजलीघर के पास स्थित खेतों में कुछ किसान काम कर रहे थे। एक खेत से निकलकर आए गुलदार को देखकर किसान डर गए और उन्होंने खुर्रमपुर गांव में सूचना दी, जिसके बाद ग्रामीणों की भीड़ लाठी-डंडे लेकर मौके पर पहुंच गए।
अपने को घिरता देख गुलदार बरसाती नाले में लगाए गए सीमेंट के एक बड़े पाइप में घुसकर बैठ गया। सूचना मिलने पर एसडीओ शिवालिक वीके चौधरी, रेंजर शाकंभरी देवी आरएन टिमौटी, बेहट कोतवाली पुलिस एवं 100 डायल पुलिस मौके पर पहुंची।
कई बार गुलदार ने गर्जना के साथ ग्रामीणों पर हमला भी करना चाहा, जिसके चलते लोगों में भगदड़ मच गई। खबर लिखे जाने तक वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी और पुलिस मौके पर ही डटी थी।
उधर, शिवालिक वन प्रभाग के एसडीओ वीके चौधरी का कहना है िक मेरठ से पिंजरा यूनिट पहुंचने ही वाली है। गुलदार को पिंजरे में बंद कर सुरक्षित जंगल में छोड़ा जाएगा।