सूचना मिलते ही कोतवाली प्रभारी निरीक्षक फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे और दोनों सिपाहियों को छुड़ाकर कोतवाली ले आए। इसरार की बहन रुखसाना ने बताया कि चार दिन पहले भी इन पुलिसकर्मियों ने उसके भाई को स्मैक बेचने के झूठे आरोप में पकड़ा था।
उन्होंने पेड़ बेचकर 70 हजार रुपये पुलिसकर्मियों को देकर अपने भाई को छुड़ाया था। रुखसाना का यह भी आरोप है कि पिछले एक महीने से पुलिसकर्मी उनके गांव में सादी वर्दी में आते हैं और लड़कों को पकड़ कर उनसे पैसे लेकर उन्हें रास्ते में छोड़ देते हैं।
कितनी ही घटनाएं हो चुकी है। पुलिसकर्मी सादी वर्दी में आते है और लड़कों को स्मैक बेचने के झूठे आरोपों में उठाकर उनसे पैसे वसूलते है। पिछले एक महीने से गांव में आतंक मचा रखा है। वह इस मामले में उच्चाधिकारियों से मिलेंगे। -हेमंत राणा, ग्राम प्रधान शाहपुर
शाहपुर गांव में जिन दो सिपाहियों को बंधक बनाया गया, इनमें से एक सिपाही के साथ एक महीने पहले कस्साबान मोहल्ले में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है। यह सिपाही यहां भी सादी वर्दी में एक घर में घुसा था, जिसे भीड़ ने पकड़ लिया था। दो सिपाही गांव में गए थे वहां उनका विरोध हुआ जिसके बाद पुलिस बल भेजा गया था। मामले की जांच की जा रही है। -- आनन्द देव मिश्रा कोतवाली प्रभारी
- यह मामला संज्ञान में आया है। पुलिस कर्मियों को रोकने और विरोध करने की जानकारी मिली है। इस प्रकरण में संबंधित थाना प्रभारी से जानकारी लेने के साथ ही सीओ बेहट के माध्यम से जांच करवाएंगे। -- अशोक कुमार मीणा, एसपी देहात, सहारनपुर।