गंगोह (सहारनपुर)। दो सगे भाइयों की करंट से मौत के बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत होने का नाम नहीं ले रहा है। पोस्टमार्टम के बाद जब बच्चों के शव गंगोह पहुंचे तो ग्रामीणों ने उन्हें सड़क पर रख कर जाम लगा दिया। मौके पर पहुंचे विधायक और अधिकारियों द्वारा लिखित में मांगें मानने का आश्वासन दिए जाने के बाद ही ग्रामीणों ने जाम खोला।
बता दें कि शुक्रवार की दोपहर बाद गांव शेरमऊ निवासी नीरज के तीन बच्चे तीन दिन से टूटी पड़ी बिजली लाइन के तार की चपेट में आ गए थे। इनमें से दो बेटों की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि बेटी गंभीर रूप से झुलस गई थी। जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। इस मामले को लेकर ग्रामीणों ने जाम लगा दिया था। सूचना पर पहुंचे नकुड़ सीओ अरविंद कुमार पुंडीर एवं तहसीलदार देवेंद्र कुमार ने दोषियों पर कार्रवाई और मुआवजे का आश्वासन देकर जाम खुलवा दिया था। प्रकरण में पीड़ित नीरज की तरफ से जेई सहित छह लोगों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या की रिपोर्ट गंगोह कोतवाली में दर्ज कराई गई थी। इसके बाद बच्चों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गए थे। शनिवार को जैसे ही बच्चों के शव पोस्टमार्टम के बाद गंगोह पहुंचे तो बड़ी संख्या में इकट्ठा हुए ग्रामीणों ने शवों को गंगोह-नकुड़ मार्ग पर स्थित बिजलीघर के सामने रख कर जाम लगा दिया। जाम की खबर लगते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया। ग्रामीण आरोपियों को गिरफ्तार करने, नौकरी और मुआवजे की लिखित में गारंटी की मांग कर रहे थे। सूचना पर पहुंचे नकुड़ एसडीओ सचिन गौड़, गंगोह कोतवाली प्रभारी भानु प्रताप सिंह, गंगोह विधायक कीरत सिंह, जिला उपाध्यक्ष भाजपा सत्यपाल सिंह, जिला पंचायत सदस्य सुशील चौधरी, ग्राम प्रधान अरविंद ने ग्रामीणों को समझा-बुझाकर शांत किया। अफसरों की तरफ से लिखित में मांगें मानने का आश्वासन मिलने के बाद जाम खोला गया। इसके बाद बेहद गमगीन माहौल में बच्चों का अंतिम संस्कार कर दिया गया। इस दौरान सभा चंद, सतपाल सिंह, राम सिंह, पूर्व प्रधान संजय चौधरी, पराग आदि रहे।