सहारनपुर, तीतरों। नानूवाला गांव में बयाने के पांच लाख रुपये वापस लेने गए ग्रामीण की हाथ की नस कटने के बाद मौत हो गई। आरोपी पक्ष के लोग ही उसे लहूलुहान हालत में लेकर कोतवाली पहुंचे थे। मृतक के परिजनों ने दूसरे पक्ष पर हाथ की नसें काटने और जबरन जहर देकर मारने का आरोप लगाया है। वहीं, पुलिस मामले को आत्महत्या मान कर चल रही है।
गंगोह कोतवाली की ग्राम सभा पखनपुर के मजरा नानूवाला निवासी सुरेन्द्र (50) पुत्र सतपाल ने कुछ समय पूर्व धानवा में जमीन खरीदने के लिए एक किसान को पांच लाख रुपये बतौर पेशगी दिए थे। तय हुआ था कि शेष धनराशि बैनामा कराने के दौरान दी जाएगी। आरोप है कि दूसरे पक्ष ने न तो जमीन का बैनामा किया और न ही रुपये वापस किए। परिजनों का कहना है कि कई माह से आरोपी उन्हें टरका रहा था, जिसमें कई दौर की पंचायतें भी हुईं।
बृहस्पतिवार सुबह साढ़े नौ बजे सुरेंद्र धानवा जाने की बात कहकर घर से निकला था। करीब एक घंटा बाद धानवा के कुछ लोग उसे मरणासन्न हालत में लेकर कोतवाली पहुंचे। जहां उन्होंने बताया कि सुरेंद्र ने अपने हाथ की नस काट ली है। पुलिस उसे सीएचसी ले गई। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। इसके बाद परिजन वहां पहुंचे।
मृतक सुरेन्द्र की पत्नी उषा देवी ने हत्या का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की। मृतक पक्ष के साथ रिंकू प्रधान मानपुर, केहर सिंह प्रधान, रणधौल सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य अरविंद चौधरी, पंकज कुमार आदि ग्रामीण भी कोतवाली पहुंचे थे।
उधर, सीओ गंगोह शशि प्रकाश शर्मा का कहना है कि मामला प्रथमदृष्टया आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही आगामी कार्रवाई की जाएगी।