रामपुर मनिहारान। मुंडीखेड़ी गांव में हुए सैनिक विक्रांत हत्याकांड में नया मोड़ आ गया। अभी तक हुई जांच में आया है कि हत्याकांड को नामजद आरोपी देवेंद्र ने नहीं, बल्कि किसी अन्य ने अंजाम दिया है। पुलिस ने गांव के ही कई युवकों को हिरासत में ले रखा है, जिनसे पूछताछ की जा रही है।
दूसरे दिन भी रामपुर मनिहारान थाना प्रभारी संजीव कुमार टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। थोड़ी दूर स्थित एक मकान में जाकर भी पूछताछ की। इसके अलावा मृतक के परिवार के लोगों से भी बंद कमरे में काफी देर तक पूछताछ चली। पुलिस सूत्रों की मानें तो हत्याकांड में कोई बेहद नजदीकी शामिल है, जो पुलिस के रडार पर आ चुका है। एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि अभी तक नामजद आरोपी की भूमिका नहीं मिली। जल्दी ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा।
मृतक के भाई का आरोप, अंकुश को हत्या की जानकारी
मृतक सैनिक विक्रांत के भाई हर्ष ने आरोप लगाया कि अंकुश उसके भाई को बाइक पर बैठाकर ले गया था। जब वह घर अकेला आया तो उससे विक्रांत के बारे में पूछा गया। ऐसे में वह काफी घबरा गया और पसीने छूट रहे थे। आरोप लगाया कि अंकुश को हत्याकांड के बारे में पूरी जानकारी है। हर्ष के इन आरोपों के बाद पुलिस अंकुश से भी पूछताछ में जुटी है।
315 बोर के तमंचे से मारी गई थी तीन गोली
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से पता चला है कि विक्रांत को तीन गोली मारी गई थी। एक गोली खाल में ही अटक गई थी, जो पोस्टमार्टम के दौरान मिली। वहीं, पोस्टमार्टम के बाद बृहस्पतिवार देर रात जवान का पार्थिव शरीर गांव में पहुंचा था, जहां पर सैन्य सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया।
यह था मामला
बृहस्पतिवार सुबह गांव मुंडीखेड़ी में सेना के जवान विक्रांत (25) पुत्र रविंद्र का गोली लगा शव गांव की चकरोड पर पड़ा मिला था। परिजनों ने गांव के देवेंद्र पुत्र रकम सिंह को नामजद करते हुए केस दर्ज कराया था। आरोप लगाया था कि देवेंद्र ने विक्रांत के चचेरे भाई रजत की कुछ साल पहले हत्या कर दी थी। उस हत्याकांड में विक्रांत मुख्य गवाह था। 8 अप्रैल को विक्रांत की गवाही हुई थी। समझौता नहीं करने पर देवेंद्र ने हत्याकांड को अंजाम दिया है।