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Saharanpur News: ब्लैकमेलिंग, वसूली व संपत्ति विवाद में की विक्रांत-राखी की हत्या

Sun, 03 May 2026 01:20 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, सहारनपुर
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सहारनपुर के थाना मिर्जापुर, बडगांव व सर्विलांस टीम द्वारा दोहरे हत्याकांड में पकड़े गए हत्यारोप
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सहारनपुर। डूडा कर्मचारी विक्रांत और राखी कश्यप की हत्या ब्लैकमेलिंग, अवैध वसूली और संपत्ति विवाद में की गई थी। सुधारस चौहान ने पहले राखी के साथ मिलकर विक्रांत की हत्या की। फिर राज खुलने के डर से कपिल चाैहान के साथ मिलकर राखी की हत्या कर दी। पुलिस ने शनिवार को इस बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड का खुलासा किया। मुख्य आरोपी भाजपा नेता सुधारस चौहान और उसके साथी कपिल चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से हत्या में प्रयुक्त 32 बोर पिस्टल, चाकू, हथौड़ा, खून से सनी टीशर्ट, दोनों कार (नेक्सॉन और अल्ट्रोज) और मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
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एसएसपी अभिनंदन सिंह ने प्रेस वार्ता में मीडिया को बताया कि 27 अप्रैल को थाना मिर्जापुर क्षेत्र के रजापुर नौगांवा के रजबहे में जिस युवती का शव मिला था उसकी पहचान बागपत निवासी राखी कश्यप के रूप में हुई। इससे पहले 17 अप्रैल को बड़गांव थाना क्षेत्र के हसनपुर लोटनी गांव के पास नहर में डूडा कर्मी विक्रांत का शव मिला था। जांच के बाद पुलिस ने बागपत निवासी भाजपा नेता सुधारस चौहान और कपिल चौहान को गिरफ्तार किया।



एसएसपी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया कि राखी के विक्रांत और सुधारस दोनों से संबंध थे। राखी और विक्रांत के बीच मथुरा स्थित एक प्लॉट को लेकर विवाद चल रहा था। राखी ने सुधारस की भी आपत्तिजनक वीडियो बना ली थी, जिसे वायरल करने की धमकी देकर करीब 25 लाख रुपये वसूले थे। आरोपी सुधारस को राखी ने लालच दिया कि अगर वह विक्रांत की हत्या में सहयोग करेगा तो वीडियो नष्ट कर देगी।
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राखी और सुधारस ने विक्रांत को मारी थी तीन गोली



एसएसपी ने बताया कि 15 अप्रैल को योजनाबद्ध तरीके से विक्रांत को राखी के फ्लैट पर बुलाया गया। यहां पर प्लाॅट के विषय में बातचीत को लेकर उनका विवाद बढ़ गया। विक्रांत ने प्लाॅट राखी के नाम पर करने से मना कर दिया। इसके बाद सुधारस और राखी ने अपनी-अपनी लाइसेंसी पिस्टल से विक्रांत की गोली मारकर हत्या कर दी। एक गोली जांघ और दो गोली सीने में मारी गई। इसके बाद शव को फ्लैट में बंद करके चले गए। दूसरे दिन 16 अप्रैल को राखी और सुधारस ने विक्रांत के शव को कपड़ों में लपेटकर अपनी कार में रखा और बड़गांव थाना क्षेत्र में नहर में लाकर फेंक दिया। फिर दोनों घर चले गए। 24 अप्रैल को विक्रांत के परिजनों ने बागपत कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी।



इसीलिए राखी को उतारा मौत के घाट



पूछताछ में आरोपी सुधारस ने बताया कि विक्रांत की गुमशुदगी के मामले में शक के आधार पर बागपत पुलिस ने राखी से पूछताछ की और छोड़ दिया। इसके बाद राखी ने सुधारस को धमकी दी कि यदि पुलिस ने उसे ज्यादा परेशान किया तो वह विक्रांत की हत्या का राज खोल देगी। विक्रांत की हत्या का राज खुलने के डर से सुधारस ने बागपत निवासी कपिल चौहान के साथ मिलकर राखी को रास्ते से हटाने की साजिश रची। राखी को कपिल की कार में लेकर पार्टी के बहाने सहारनपुर पहुंचा। नौगांवा के पास एक फार्म हाउस पर पहले पार्टी की। उसमें तीनों ने शराब पी और राखी पर हथौड़े और चाकू से हमला कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को छिपाने के लिए बिस्तर एवं कपड़ों में लपेटकर रस्सी से बांधा और रजबहे में फेंक दिया। बताया जा रहा है कि राखी राम निवास समाज सेवा ट्रस्ट की अध्यक्ष भी थी।
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