शराब कांड के पीड़ितों को आज भी इंसाफ का इंतजार
सहारनपुर। एक साल पहले जहरीली शराब के कारण 100 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी। कुछ को आर्थिक सहायता मिल गई थी, लेकिन कई लोग ऐसे हैं, जिनके नाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में गलत लिख देने की वजह से मुआवजा नहीं मिला। वहीं पुलिस आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर चुकी है, लेकिन पीड़ितों को अभी इंसाफ का इंतजार है।
जहरीली शराब से गागलहेड़ी क्षेत्र के गांव कोलकी कला और नागल क्षेत्र के गांव उमाही कोटा में 30 से ज्यादा लोगों की मौत हो गई थी। गांव उमाही कोटा में एक-एक परिवार से कई शव उठे थे। गांव के मास्टर सर्वेश कुमार, साधु राम, दयाराम, सुभाष आदि ने बताया कि सात फरवरी 2019 का दिन उनके गांव के लिए काला दिवस था, जब जहरीली शराब से 14 ग्रामीणों की मौत हो गई थी। कई अधिकारी निलंबित हुए, मगर पीड़ितों को अब भी इंसाफ का इंतजार है। जहरीली शराब परोसने वालों को अभी सजा नहीं मिली है।
उमाही कोटा गांव की काजल का कहना है कि उसके पिता पालू की मौत हो गई थी। सरकार द्वारा घोषित मुआवजा राशि भी नहीं मिल पाई। क्योंकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में नाम पालू की जगह बालू दर्शा दिया था। उनकी माता खेतों में मजदूरी कर गुजारा कर रही है। बड़े भाई भीम ने पढ़ाई छोड़ मजदूरी करनी शुरू कर दी है, जिससे उसकी व उसके छोटे भाई रमेश की पढ़ाई हो सके। अंगूरी के पति श्यामू का नाम भी गलत लिख दिया था। वह लगभग 70 वर्ष की हो चुकी हैं। पेंशन भी नहीं बनी है। सरकार की ओर से पांच किलो अनाज मिलता है, जिससे घर चलाना मुश्किल है।
पति राजू की मौत होने के बाद बबली को मुआवजा मिला था। बबली का कहना है कि मुआवजे के पैसे से थोड़ी सी जमीन ली थी, लेकिन उस पर घर बनाने के लिए पैसा नहीं बचा। गांव के पंचायत घर में रहना पड़ रहा है। न सरकार ने पेंशन बनाई, न राशन कार्ड बना। बड़ा बेटा सावन 16 साल का है, जो पढ़ने की उम्र में मजदूरी करने को मजबूर है। काला उर्फ हरिश्चंद्र की जहरीली शराब के सेवन से आंखों की रोशनी चली गई थी। 16 वर्षीय बेटी माया ने बताया कि उन्हें मुआवजा नहीं मिला है। पिता उसके छोटे भाई को साथ लेकर भीख मांगकर गुजारा कर रहे हैं।
एसआईटी ने की थी जांच
शासन ने जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी के अध्यक्ष एवं अपर पुलिस महानिदेशक रेलवे (एडीजी) संजय सिंघल के अलावा मंडलायुक्त और डीआईजी ने जांच करके शासन को रिपोर्ट भेजी थी।
गांव उमाही कोटा निवासी पालू की बेटी काजल- फोटो : SAHARANPUR
गांव उमाही कोटा निवासी अंगूरी पत्नी श्यामू- फोटो : SAHARANPUR