सहारनपुर में जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास कार्यालय में शुक्रवार को पूर्व सैनिक मिलन समारोह हुआ। इसमें बड़ी संख्या में पूर्व सैनिक एवं शहीदों की पत्नियों समेत अन्य आश्रित शामिल हुए। द्वितीय विश्व युद्ध से लेकर कारगिल योद्धाओं के रूप में देश की सेवा कर चुके पूर्व सैनिकों, विधवाओं और अन्य आश्रितों को केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के तहत आर्थिक सहायता राशि देकर सम्मानित किया गया।
समारोह की शुरुआत शहीद स्मारक स्थल पर शहीदों को श्रद्धांजलि। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी एवं ग्रुप कैप्टन जेएस चौहान ने केंद्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं के तहत दी जाने वाली सहायताओं के बारे में बताया। इस दौरान पेंशन की अनियमितताएं दूर करने, पारिवारिक पेंशन, आधार कार्ड लिंकिंग जैसी अन्य गतिविधियों को आसान बनाने के लिए ई-जीवन प्रमाण पत्र केंद्र की स्थापना की गई। यह सहारनपुर में सबसे पहला अनूठा प्रयास बताया गया। ग्रुप कैप्टन ने बताया कि पांच साल में पूर्व सैनिकों, सैनिकों की विधवाओं सहित अन्य आश्रितों को पांच साल में 16 लाख रुपये से अधिक की आर्थिक सहायता दी गई है।
सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास लखनऊ के निदेशक अमूल्य मोहन ने जानकारी दी कि द्वितीय विश्व युद्ध के पूर्व सैनिकों को 4000 की जगह 6000 रुपये की पेंशन दी जाएगी। इसके साथ ही राज्य सरकार वीरता संबंधी पुरस्कारों से जुड़ी राशि भी ई-पेमेंट से पहुंचाने के प्रयास कर रही है। उन्होंने अपील की कि पूर्व सैनिक अपने ब्योरे में पत्नियों के नाम जरूर दें ताकि मृत्यु या अन्य आपदा के समय किसी क्लेम में दिक्कत न आए। इसी तरह बच्चों की सही जन्मतिथि के साथ विवरण देने पर जोर दिया।
पूर्व सैनिकों, आश्रितों के दर्द दूर कराएंगे : कमिश्नर
मुख्य अतिथि के रूप में कमिश्नर एमपी अग्रवाल ने आश्वस्त किया कि जिले से लेकर मंडल तक पूर्व सैनिकों, आश्रितों को आने वाली समस्याओं को प्राथमिकता से दूर करने के प्रयास किए जाएंगे। कमिश्रर ने अन्य अतिथियों के साथ पूर्व सैनिकों एवं आश्रितों हरमल सिंह, मुन्नी देवी, भरतू, पुष्पा देवी, सरस्वती, जया कौर, सम्मति, ताराचंद सहित अन्य को सम्मानित किया। इससे पहले मेजर जनरल एसएस अहलावत ने पूर्व सैनिकों से जुड़ी समस्याएं रखी। उन्होंने कहा कि गंभीर रोगों की चिकित्सा के लिए पूर्व सैनिकों या आश्रितों को मेरठ जैसे शहरों में भटकना पड़ता है।
उन्हें सहारनपुर के रिमाउंट डिपो में ही पोली क्लीनिक जैसे संस्थान स्थापित कर सुलभ चिकित्सा सेवा दिलाई जाए। इस दौरान एयर फोर्स सरसावा स्टेशन के एयर कमोडोर रोहित महाजन ने भी आश्वस्त किया कि अपने स्तर पर जो सहयोग संभव होगा किया जाएगा। इस दौरान रिमाउंट डिपो के डिप्टी कमांडेंट कर्नल विशाल नंदा सहित अन्य अधिकारीगण शामिल रहे। पूर्व सैनिकों एवं आश्रितों के पुनर्वास में सहयोग देने पर कई संस्थाओं के संचालकों एवं प्रतिनिधियों को भी सम्मानित किया गया। इस दौरान केके गर्ग ने बांसुरी वादन और युवा कलाकारों ने देशभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुति से सबका मन मोह लिया।