सहारनपुर में प्रतिबंध के बावजूद महानगर में वसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर चाइनीज मांझे की जमकर खरीदारी हुई। यह स्थिति तब है, जब चाइनीज मांझे की चपेट में आकर एक छात्र की मौत हो चुकी है और कई लोग घायल हुए। पुलिस-प्रशासन ने कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की।
सोमवार को वसंत पंचमी पर्व मनाया जाएगा। बच्चे और युवा जमकर पतंगबाजी करेंगे। मगर, कई घटनाएं होने के बावजूद न तो लोग चाइनीज मांझा खरीदने से माने और ना ही दुकानदार बेचने से। रविवार को वसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर महानगर में जगह-जगह पर पतंग के साथ चाइनीज मांझा बिका।
दुकानदारों ने दुकानों पर गुपचुप चाइनीज मांझा बेचा। ग्राहक के मांगने पर उसे गोदाम से मांझे के रोल लाकर दिए गए, जबकि चाइनीज मांझे की बिक्री पर रोक है। इसके बावजूद चाइनीज मांझे का लाखों रुपये का कारोबार हुआ।
इसके पीछे पुलिस-प्रशासन की उदासीनता साफ नजर आई। एक सप्ताह पूर्व तोता चौक निवासी दसवीं के छात्र बोबी सैनी की चाइनीज मांझे की चपेट में आकर मौत हो गई थी। शनिवार को गागलहेड़ी निवासी एक युवक चाइनीज मांझे से बुरी तरह घायल हुआ।
इनके अलावा कई घटनाएं हो चुकी हैं। पक्षी आए दिन चाइनीज मांझे में उलझकर मरते हैं। छात्र की मौत के बाद पुलिस-प्रशासन सतर्क हुआ था। तब लक्खीगेट में छापेमारी की गई थी। मगर, इस कार्रवाई में खानापूर्ति करने के बाद प्रशासन शांत बैठ गया। इसी वजह से वसंत पंचमी की पूर्व संध्या पर बाजार में जमकर चाइनीज मांझा बेचा गया। उधर, एसपी सिटी प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि चाइनीज मांझा बेचने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।