गंगोह। बीपीईएस की छात्रा मानवी तोमर को आरोपी सागर लगातार परेशान कर रहा था। छात्रा ने परिजनों को इसके बारे में शिकायत की थी। परिजनों ने कई बार आरोपी को समझाया कि ऐसा न करें, लेकिन आरोपी अपनी हरकतों से बाज नहीं आया। पुलिस जांच में आया है कि आरोपी की पहले छात्रा के साथ कहासुनी हुई। उसके साथ मारपीट भी की। इसके बाद आरोपी ने धारदार हथियार से गला रेतकर उसकी हत्या कर दी।
मानवी हत्याकांड को जिस तरीके से दिनदहाड़े आबादी के बीच जघन्य हत्याकांड को अंजाम दिया गया उससे लग रहा है कि आरोपी पहले से ही पूरी तैयारी के साथ आया था। जब पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले तो दिखाई दिया कि हत्याकांड से कुछ देर पहले आरोपी युवक छात्रा के साथ गली में दिखाई दे रहा है। छात्रा को आभास नहीं था कि आरोपी की मंशा क्या है, अन्यथा वह शोर भी मचा सकती थी। मानवी हत्याकांड के बाद पुलिस पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि जहां पर वारदात हुई उससे मात्र 100 मीटर की दूरी पर सीओ कार्यालय है। जहां पर हर समय पुलिस रहती है। इसके अलावा वह क्षेत्र आबादी वाला है। प्लाट के दोनों तरफ भी मकान बने हुए हैं। इसके बावजूद आरोपी ने हत्याकांड को अंजाम दिया और आसानी से फरार भी हो गया।
मौसेरे भाई ने कराया केस दर्ज, हमारे सामने हुई हत्या
मृतका के मौसेरे भाई शिक्षक राहुल कुमार ने तहरीर में बताया कि वह मानवी को लेकर गंगोह आया था। उसे गंगोह बस स्टैंड से ई-रिक्शा में बैठाकर किसी काम के लिए रुक गया था। तभी पिता मोहकम सिंह मानवी का आइडी कार्ड लेकर आए और नानौता चौराहे पर मिले। उसके बाद पिता और बेटा आइडी कार्ड देने के लिए मानवी के कॉलेज की तरफ चले। तभी रास्ते में रेस्टोरेंट के पास वाले खाली प्लाॅट में मानवी के साथ आरोपी सागर मारपीट कर रहा है। जब आवाज देकर उसे रोकना चाहा तो आरोपी ने हाथ में लिए धारदार हथियार से उनके सामने ही गला रेतकर मानवी की हत्या कर दी। उन्होंने आरोपी को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन वह भाग निकला।
कार्रवाई को लेकर धरने पर बैठे छात्र
मानवी के हत्यारे का जल्द से जल्द एनकाउंटर करने की मांग करते हुए विभिन्न शिक्षण संस्थाओं के छात्र कोतवाली में धरने पर बैठ गए। कुछ देर बाद वहां संजय कम्हेड़ा, पप्पू रादौर आदि के साथ पहुंचे सांसद प्रदीप चौधरी के पुत्र अंशुमन चौधरी ने कोतवाली प्रभारी से बात की। कोतवाली प्रभारी ने विद्यार्थियों को जल्द ही प्रभारी कार्रवाई का भरोसा दिलाया। इसके बाद धरना समाप्त कर दिया गया।