सहारनपुर। अमेरिका द्वारा टैरिफ (आयात शुल्क) पर चीन को तीन महीने के लिए दी गई रियायत से वुड कार्विंग उत्पादों के निर्यातकों की चुनौती बढ़ गई है। इससे नए ऑर्डर मिलने की उम्मीद कम हो गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा चीनी पर लगाए गए 145 प्रतिशत टैरिफ को तीन महीने के लिए 30 फीसदी करने के निर्णय से भारतीय निर्यातकों की चुनौती बढ़ गई है। इससे अमेरिकी ग्राहकों से नए निर्यात ऑर्डर मिलने में परेशानी होगी। वहां के ग्राहक अमेरिकी टैरिफ लगने के बाद से चीन में रुके हुए माल की खरीदारी को प्राथमिकता दे सकते हैं। इसका वुड कार्विंग निर्यात पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है।
सहारनपुर के वुड कार्विंग उत्पादों का दुनिया के कई देशों में निर्यात होता है। यहां के वुड कार्विंग उत्पादों का सालाना करोबार करीब 1300 से 1600 करोड़ रुपये का है। इसमें करीब 1100 से 1200 करोड़ रुपये वार्षिक का निर्यात भी शामिल है। वुड कार्विंग का सबसे अधिक निर्यात अमेरिका को होता है। पिछले दिनों भारत पर अमेरिका द्वारा लगाए गए 27 फीसदी टैरिफ की घोषणा ने वुड कार्विंग उद्योग को झटका दिया था।
हालांकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत पर लगने वाले टैरिफ को तीन माह के लिए स्थगित कर निर्यातकों को राहत दी है। अब चीन पर लगाए गए टैरिफ को तीन महीने के लिए कम करने की घोषणा ने निर्यातकों की चुनौती को बढ़ा दिया है।
बोले निर्यातक
अमेरिका ने तीन माह के लिए चीन पर लगाया गया टैरिफ घटा दिया है। इससे खरीदारी के लिए भारत का रुख कर रहे आयातकाें के चीन लौटने की आशंका है। इससे वुड कार्विंग निर्यातकों की चुनौती बढ़ गई है। - मयंक अग्रवाल, उद्यमी एवं निर्यातक।
चीन पर टैरिफ घटाने का वुड कार्विंग उत्पादों के निर्यात पर विपरीत असर पड़ने की आशंका है। हालांकि यह असर सिर्फ तीन महीने के लिए ही पडेगा। - आरिफ खान, महासचिव, हैंडीक्राफ्ट आर्टिजन एंड एक्सपोर्ट एसोसिएशन।