नकुड़। सांसद इकरा हसन के खिलाफ अमर्यादित भाषा के आरोप में पुलिस ने रोहित प्रधान को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया। एसडीएम कोर्ट से जमानत न मिलने पर हिंदू संगठनों और कोमल गुर्जर ने कोर्ट के बाहर हंगामा कर दिया। पुलिस ने कोमल गुर्जर को समझाने का प्रयास किया लेकिन वह रोहित के साथ समर्थकों सहित जेल जाने की बात पर अड़ी रही। देर शाम जमानत दे दी गई।
बता दें, एक अक्तूबर को गांव छापुर स्थित शिव लक्ष्मी मंदिर में तोड़फोड़ की घटना की सूचना पर मंदिर में काफी भीड़ इकट्ठा हो गई थी। इस दौरान रोहित प्रधान भी साथियों के साथ मंदिर पहुंचे थे। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो अपलोड किया था, जिसमें सांसद इकरा हसन के खिलाफ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया था।
इसके अगले दिन गांव दैदपुरा निवासी सुरेन्द्र सिंह ने रोहित प्रधान सहित 15-20 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शनिवार को पुलिस ने रोहित प्रधान को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश कर दिया। इसकी सूचना पर कोमल गुर्जर व हिंदू संगठन के काफी लोग एसडीएम कोर्ट के बाहर इकट्ठा हो गए।
घंटों सोच विचार करने के बाद एसडीएम कोर्ट से रोहित प्रधान को जमानत न मिलने के बाद पुलिस रोहित को लेकर चली। इस पर कोमल गुर्जर ने समर्थकों के साथ हंगामा कर दिया। उनका कहना था कि जिस वीडियो में रोहित प्रधान को आरोपी बनाया गया है उसमें रोहित ने किसी को गाली नही दी, बल्कि गाली भीड़ में से किसी अन्य ने दी थी।
कोमल गुर्जर रोहित के साथ ही समर्थकों सहित जेल जाने की की जिद पर अडिग थी। इसके बाद पुलिस रोहित व कोमल गुर्जर को कोतवाली ले गई। देर शाम एसडीएम कोर्ट ने आरोपी को जमानत मिल गई।