सहकारी गन्ना समिति की बोर्ड बैठक में मंगलवार को उस समय हंगामे की स्थिति उत्पन्न हो गई जब सदस्यों ने हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए सभापति और उपसभापति आदि के बैठक में शामिल होने पर आपत्ति उठाई। हंगामे के कारण बैठक स्थगित करनी पड़ी।
गन्ना समिति सभागार में जैसे ही बैठक शुरू हुई तो कुछ बोर्ड सदस्य हंगामा करने लगे। समिति के सदस्य अरविंद चौधरी ने कहा कि बीते दिनों उनके अलावा बोर्ड सदस्यों मजहर जब्बार और तारा चंद उर्फ कालूराम ने समिति के सभापति, उपसभापति, सदस्यों विजय कुमार, राजेंद्र सिंह समेत पांच लोगों के खिलाफ हाईकोर्ट कोर्ट में याचिका दायर की थी।
याचिका में सभापति और अन्य चारों पर बिना बोर्ड की अनुमति प्रस्ताव पास करने की शिकायत की थी। साथ ही उपसभापति समेत तीन सदस्यों के बोर्ड बैठक में शामिल न होकर उनके पतियों के बैठक में शामिल होने पर भी आपत्ति जताई गई थी।
अरविंद चौधरी ने कहा कि उनकी याचिका पर कोर्ट ने जिला गन्ना अधिकारी को समिति की बैठक करा पांचों के खिलाफ समिति के शेष सदस्यों को बैठक कर उचित निर्णय लेने का आदेश दिया था।
इसी को लेकर मंगलवार को वोटिंग होनी थी। बैठक में सभापति समेत पांचों लोगों के भाग लेने पर भी प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद जब सदस्यों ने पांचों को बैठक में शामिल पाया तो हंगामा खड़ा हो गया। हंगामा होने के कारण बैठक स्थगित हो गई।
अधिकारी कहिन
बोर्ड के कुछ सदस्यों द्वारा हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। दोनों पक्षों के लोगों में समझौता हो गया है।
- रामनरेश शर्मा, विशेष सचिव, सहकारी गन्ना समिति देवबंद।
समिति के सदस्यों को कुछ गलतफहमी हो गई थी। जिसे दोनों पक्षों के बीच वार्ता कर सुलझा लिया गया है। अब समिति के अंदर किसी भी प्रकार कोई विवाद नहीं है।
- चौधरी प्रविंद्र कुमार, चेयरमैन गन्ना समिति देवबंद।