गोतस्करों द्वारा एक गाय को चोरी करने के बाद उसकी हत्या कर दी गई। तलाश के दौरान ग्रामीणों को गाय कटी हुई हालत में मिली। ग्रामीणों ने इसकी सूचना पुलिस को दी।
पुलिस मौके पर नहीं पहुंची, जिसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस कंट्रोल रूम को 100 नंबर पर सूचना दी। एक घंटा बाद मौके पर पहुंची पुलिस को देखकर ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया और उन्होंने हंगामा किया।
मंगलवार की रात करीब दो बजे गांव नंगला निवासी रोशन पुत्र सुमेरचंद की गाय चोरी कर ली गई। कुछ देर बाद रोशन ने गाय को वहां न देख कर शोर मचा दिया। ग्रामीण गाय के पैरों के निशान देखते हुए निकट के गांव दुमझेड़ा पहुंच गए। गाय के पैरों के निशान नदीम पुत्र सत्तार के घर तक जा रहे थे। ग्रामीणों ने घर के अंदर झांक कर देखा तो अंदर गाय मृत पड़ी थी। कुछ लोग वहां मौजूद थे।
ग्रामीणों ने नदीम के घर हंगामा करते हुए चिलकाना पुलिस को सूचना दी। आरोप है कि एक घंटे तक भी पुलिस के न पहुंचने पर उन्होंने 100 नंबर पर सूचना दी, जिसके बाद पुलिस हरकत में आई तथा कटी हुई गाय तथा गोकशी के उपकरण बरामद किए। इसी दौरान गोकशी के आरोपी मौके से फरार होने में कामयाब हो गए।
रोशन की तहरीर पर पुलिस ने नदीम एवं सद्दाम निवासी दुमझेड़ा, सताउर उर्फ सत्तार निवासी चिलकाना और एक अन्य अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करते हुए कार्रवाई शुरू कर दी। पीपल्स फॉर एनिमल के नगर संयोजक जगपाल उपाध्याय ने बताया कि चिलकाना क्षेत्र में गोकशी का कार्य बड़े स्तर पर चल रहा है।
कस्बे के अलावा दुमझेड़ा, दूधगढ़, सालीरी, पठेड़, डंड़ौली खेड़ा, माहेश्वरी, फिरोजाबाद आदि गांवों में प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में मांस के लिए गोवंश की हत्या की जा रही है। हरियाणा से प्रतिदिन गोवंश ट्रकों में लादकर लाया जा रहा है।
पिछले दो माह से गोकशी की घटनाओं में वृद्धि हुई है, लेकिन पुलिस राजनीतिक दबाव के चलते गोकशी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर पा रही है। उनके द्वारा जिला प्रशासन से चिलकाना क्षेत्र में हो रही गोकशी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की मांग की है।