छुटमलपुर। एनएचएआई द्वारा राष्ट्रीय राजमार्ग और एक्सप्रेसवे पर एक अप्रैल से बंद हुए नगद भुगतान के नियम में अभी एक माह की छूट और दे दी है। हालांकि वित्तीय वर्ष के पहले दिन नया नियम ही लागू रहा। किसी भी वाहन से नगद भुगतान नहीं लिया गया। दिन की आठ घंटे की शिफ्ट में 120 वाहन चालकों ने यूपीआई का इस्तेमाल किया। उधर टोल की दरें ढाई गुनी होने को लेकर कई वाहन चालक कर्मचारियों से उलझते भी दिखाई दिए।
बता दें, कि भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण द्वारा देश भर में अपने सभी टोल प्लाजा पर नगद भुगतान बंद करने के आदेश जारी किए थे। इसकी तैयारियां भी जिले के दोनों टोल प्लाजा छुटमलपुर के चमारीखेड़ा तथा सरसावा के सुआंखेड़ी टोल पर कर ली गई थी। चमारीखेेड़ा टोल प्लाजा पर पहले दिन यही व्यवस्था लागू रही। नगद भुगतान पूरी तरह बंद रहा। सुबह आठ से शाम चार बजे तक आठ घंटे की शिफ्ट में 120 वाहन चालकों ने यूपीआई से भुगतान किया। टोल कर्मचारियों ने बताया कि इनमें बीस से ज्यादा ऐसे भी थे जो यूपीआई नहीं चलाते थे। ऐसे में उन्होंने बार कोड का फोटो खींच कर अपने किसी परिचित से भुगतान कराते हुए वाहन को टोल प्लाजा से निकाला। हालांकि देर शाम तक एनएचएआई ने इस नियम में ढील देते हुए एक माह की छूट दे दी है। उधर, एक्सप्रेसवे के टोल पर शुल्क एकदम से ढाई गुना तक करने पर कई वाहन चालक कर्मचारियों से उलझते दिखाई दिए। कर्मचारियों ने बड़ी मुश्किल से उन्हें किसी तरह समझाया।