वहीं, इस मामले में एक बालिका ने प्रबंधक वीपी सिंह और अधीक्षिका पर गंभीर आरोप लगाने के साथ जांच अपने हाथ से पत्र लिखकर एसडीएम सदर को सौंपा है, जिसमें उसने गंभीर आरोप लगाया है। कहा है कि प्रबंधक के गलत कार्यों में अधीक्षिका भी उसका साथ देती थीं, जबकि अन्य स्टाफ को भी इसकी जानकारी थी, लेकिन बालिकाओं के पक्ष में कोई नहीं था।
वहीं, बालिकाओं ने नाजुक अंगों पर मिर्च लगाने, छेड़छाड़ करने के साथ ही अश्लील वीडियो बनाने का भी आरोप लगाया है। एक बालिका ने कैमरे के सामने बोला है कि उसे नग्न कर वीडियो बनाई है। शनिवार को बालिकाओं ने मीडियाकर्मियों के सामने गंभीर आरोप लगाए हैं। इसके बाद यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुए, जिसके बाद जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र और एसएसपी डॉ. विपिन ताडा ने भी बाल गृह (बालिका) पहुंचकर छानबीन की।
निजी अस्पताल में कराया गया था उपचार
शोषण के विरोध में गुरुवार को बालिकाओं ने बाल गृह(बालिका) भीषण गर्मी के बीच धरना दिया था, जिसके चलते 11 लड़कियों की हालत बिगड़ गई थी, जिनको आनन-फानन में बाल गृह (बालिका) के पास ही स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार दिलाया गया।
शासन तक पहुंचा मामला
विभागीय सूत्र बताते हैं कि मामला शासन तक पहुंच गया है। इस मामले में आरोपियाें के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होना तय माना जा रहा है। शासन की टीम भी आकर मामले की जांच कर सकती है।
होगी गिरफ्तारी, सीसीटीवी फुटेज से भी खुलेगा राज
आरोपियों की पुलिस जल्द गिरफ्तारी कर सकती है। बाल गृह (बालिका) में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज से भी कई राज खुलेंगे। एसएसपी डॉ. विपिन ताडा का कहना है कि पुलिस हर बिंदु पर मामले की जांच कर रही है।