सावन माह में शिव आराधना का है महत्व। सांकेतिक तस्वीर।
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दो दिन बाद शुरू होने वाले पवित्र सावन महीने के चार सोमवारों पर इस बार कुल सात योग बन रहे हैं। शिव के भक्तों पर सवार्थ सिद्धि योग के साथ अमृत योग की वर्षा होगी। इसके अलावा इस वर्ष सावन महीना 29 दिन को होगा। कांवड़ यात्रा के संबंध में प्रशासन से लेकर कांवड़ शिविर संचालक तैयारियों में जुटे हैं।
ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार सावन मास में त्रयोदशी तिथि का क्षय है। इस कारण सावन मास 30 की बजाए 29 दिन का होगा। सावन के पहले सोमवार 14 जुलाई को धनिष्ठा नक्षत्र और आयुष्मान योगा का शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन गणेश चतुर्थी का भी दुलर्भ संयोग है। दूसरे सोमवार 21 जुलाई को रोहिणी नक्षत्र में चंद्रमा वृषभ राशि में रहेंगे।
कामिका एकादशी और सर्वार्थ सिद्धि योग का भी संयोग बन रहा है। उन्होंने बताया कि इस दिन व्रत रखने से भगवान शिव के साथ भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है। सावन के तीसरे सोमवार 28 जुलाई को चंद्रमा पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र और उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में होंगे। अंतिम सोमवार चार अगस्त को सर्वार्थ सिद्धि योग, ब्रह्म और इंद्र योग बन रहा है। चंद्रमा अनुराधा नक्षत्र और चित्रा नक्षत्र में वृश्चिक राशि में रहेंगे।
नौ अगस्त को विशेष योग
ज्योतिषाचार्य अमित चतुर्वेदी ने बताया कि नौ अगस्त को बुद्ध-आदित्य योग के साथ श्रावण शुक्ल पूर्णिमा होगी। इस दिन नए कार्य, संकल्प, रजिस्ट्रेशन, संपत्ति खरीदना-बेचना, उद्योग स्थापना जैसे कार्य किए जा सकते हैं।