मल्हीपुर रोड स्थित नया गांव में सपा नेता फरहाद गाड़ा ने अपने घर पर पीडीए की पाठशाला का आयोजन किया। उन्होंने बच्चों को इकट्ठा कर शिक्षक की तरह क्लास ली। वह बच्चों को ए फॉर अखिलेश, बी फॉर बाबा साहब डॉ. आंबेडकर, सी फॉर चौधरी चरण सिंह और डी फॉर डिंपल यादव पढ़ाते नजर आए। इसका वीडियो भी सोशल मीडिया पर अपलोड किया गया है। सोशल मीडिया पर लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं।
फरहाद का कहना है कि प्रदेश सरकार विद्यालयों को बंद कर गरीब बच्चों की शिक्षा का हक छीन रही है, लेकिन समाजवादी पार्टी ऐसा नहीं होने देगी। यदि सरकार विद्यालय बंद करेगी तो सपा गांव-गांव पीडीए की पाठशाला खोलकर बच्चों को पढ़ाने का काम करेगी।
राजनीतिक दलों की कुछ ऐसी प्रतिक्रिया
शिक्षा का कबाड़ पहले कांग्रेस ने किया था, अब भाजपा उसमें सुधार कर रही है। इस तरह की पाठशाला से बच्चों को शिक्षित बनाने की बजाय उन्हें शिक्षा से दूर किया जा रहा है। सपा की यह ओछी मानसिकता है। बच्चों को शिक्षित करने की बजाय उन्हें राजनीति का मोहरा बनाया जा रहा है।
- डॉ. महेंद्र सिंह सैनी, जिलाध्यक्ष भाजपा
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इसमें कोई गलती नहीं है। ए से एप्पल भी बनता है और ए से अखिलेश भी। बच्चों को पढ़ाने का मकसद उन्हें अक्षर ज्ञान कराना है। इसे राजनीति करार न दिया जाए।
- अब्दुल वाहिद, जिलाध्यक्ष सपा
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सपा नेता क्या पढ़ा रहे हैं, वह उनका एजेंडा होगा। स्कूल के विलय को लेकर बसपा सुप्रीमो पहले भी कह चुकी हैं कि सत्ता में लौटने पर सभी को दोबारा खोला जाएगा।
- जगपाल सिंह, जिलाध्यक्ष बसपा
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शिक्षा हर माध्यम से बच्चों को उपलब्ध होनी चाहिए। सभी दल स्कूलों के बंद होने का विरोध करें। कांग्रेस भी इसके विरोध में है। सरकार से पूछा जाना चाहिए कि स्कूल बंद क्यों हो रहे हैं।
- संदीप राणा, जिलाध्यक्ष कांग्रेस