2020 व 2021 में कोरोना रहा। इसलिए इन दोनों साल में 58 लोगों ने ही अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवाया था। अधिकारियों ने बताया कि विदेश में नौकरी ही नहीं बल्कि पर्यटन पर जाने वाले भी अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट ले रहे हैं। इससे साफ है कि विदेशों में लोगों का गाड़ी चलाने को लेकर क्रेज बढ़ा है।
आईडीपी के लिए ड्राइविंग लाइसेंस जरूरी
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट के लिए वर्तमान ड्राइविंग लाइसेंस होना जरूरी है। इसके साथ ही पासपोर्ट, वीजा और टिकट की कॉपी होनी चाहिए। इसके अलावा स्वास्थ्य प्रमाण पत्र भी जरूरी है। अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट की फीस एक हजार रुपये निर्धारित है।
किस साल में कितने बने आईडीपी
वर्ष बने आईडीपी
2018- 49
2019- 73
2020- 18
2021- 40
2022- 97
2023(अब तक)- 154
अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवाने को लेकर लोगों में खासा क्रेज बढ़ा है। यहीं कारण है कि हर साल आईडीपी लेने वालों की संख्या में इजाफा हो रहा। वर्ष 2018 से लेकर नवंबर 2023 तक 431 लोग अंतरराष्ट्रीय ड्राइविंग परमिट बनवा चुके हैं। - महेंद्र बाबू गुप्ता, सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी