मीडिया को नहीं मिली हॉल में एंट्री
फिल्म के प्रदर्शन के दौरान मीडिया को हॉल के अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। साथ ही पुलिसकर्मियों को भी मीडिया से बातचीत करने की अनुमति नहीं थी। बताया गया कि शो करीब साढ़े तीन बजे समाप्त हुआ।
ये बताया उद्देश्य
चर्चा है कि पुलिस अधिकारियों द्वारा पुलिसकर्मियों को प्रेरित करने के लिए यह पहल की गई। उनका कहना है कि ऐसी फिल्मों से पुलिसकर्मियों को अपने कर्तव्यों के प्रति प्रेरणा मिलती है।
फिल्म के जरिए मिली सीख
फिल्म देख चुके दरोगाओं ने बताया कि फिल्म में जिस तरह से पाकिस्तान में भारतीय एजेंटों के काम करने का तरीका दिखाया गया, उससे उन्हें काफी कुछ समझने को मिला। नोटबंदी का दौर याद आया, साथ ही उन्हें वह दौर भी याद आया जब नकली करेंसी के जरिए देश में आर्थिक चुनौती पैदा की गई थी।
ट्रेनिंग से जुड़ी लगी कहानी
पुलिसकर्मियों का कहना था कि फिल्म में दिखाए गए कई दृश्य उनकी ट्रेनिंग से जुड़े लगते हैं। जिस तरह की परिस्थितियों और रणनीतियों को फिल्म में दिखाया गया, उससे उन्हें अपने कर्तव्यों को बेहतर तरीके से समझने में मदद मिलती है।
पहल पर शुरू हुई सियासत
इस कार्यक्रम को लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है। कई लोग इसे पुलिसकर्मियों को प्रेरित करने की पहल मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे लेकर सवाल भी उठा रहे हैं।
दरोगाओं की मांग पर दिखाई गई धुरंधर-2: एसएसपी
2023 बैच के एसआई पुलिसकर्मियों को विवेचनाओं और लंबित अपराधों की समीक्षा के आधार पर कुछ नया सिखाने के लिए धुरंधर 2 मूवी दिखाई गई। एसएसपी अविनाश पांडे ने बताया कि दरोगाओं के कहने पर ही उन्हें यह मूवी दिखाई गई, जिससे उनकी पुलिसिंग और बेहतर हो सके। इसके साथ ही पुलिस लाइन में सभी पुलिसकर्मियों से फीडबैक भी लिया गया।