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अनलॉक थ्री में जगीं युवाओं की उम्मीदें

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सचिन का बंद पड़ा जिम, जो अब फिर से चल सकेगा। - फोटो : SAHARANPUR
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अमर उजाला ब्यूरो
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सहारनपुर। अनलॉक थ्री में एक अगस्त से जिम और योग संस्थान खोलने की मंजूरी मिलने से संचालकों के साथ ही ट्रेनिंग लेने वाले युवाओं को भी बड़ी राहत मिली है। जिम और योग संस्थान पर जाकर युवा फिर से सेहत संवारने के लिए जुट पाएंगे। जिम संचालकों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद से अब तक करीब चार माह तक उनका काम ठप रहा। इसके चलते उन्हें लाखों रुपये की चपत लगी है। अब फिर से नई शुरूआत करनी होगी।
शारदानगर में जिम संचालक सचिन चौधरी बताते हैं कि 17 मार्च से अब तक जिम पूरी तरह बंद ही थे। उनके यहां दो सत्र में करीब 100 युवा प्रशिक्षण के लिए आते थे। लॉकडाउन से अब तक उन्हें करीब चार से साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। उन्होंने बताया कि जब काम बंद हो गया तो खेती संभाली और वहां काम किया। अब उम्मीद बंधी है कि फिर से जिम संचालित होंगे।
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नकुड़ रोड पर जिम चलाने वाले हिमांशु पुंडीर कहते हैं कि जिम बंद रहने से काफी नुकसान झेलना पड़ा है। उनके पास करीब 250 युवा यहां ट्रेनिंग करते थे। अब तक जिम बंद रहने के कारण उन्हें 10 लाख से भी अधिक की क्षति हुई। कई बार पुलिस प्रशासन के अफसरों से मिले। अब जिम खुलेंगे तो नए सिरे से काम करना होगा।
पंत विहार में जिम संचालित करने वाले दीपक कुमार का कहना है कि उन्होंने तो दिसंबर माह में ही जिम शुरू किया था। मगर मार्च में ही कोरोना संक्रमण के कारण लॉकडाउन लग गया। तब से अब तक उनके यहां ट्रेनिंग लेने वाले युवा पूछ रहे हैं कि जिम कब खुलेगा। अब एक अगस्त से इसकी अनुमति मिलेगी तो फिर से काम की उम्मीद बंधी है।
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कोरोना से सजग रहकर संवारेंगे युवाओं की सेहत
- जिम संचालकों ने कहा कि कोरोना काल में फिर से काम शुरू करने से पहले काफी सजगता और सावधानी बरतनी होगी। पहले 30 से 50 युवाओं का बैच एक साथ ट्रेनिंग कर पाता था। मगर अब यह संख्या घटाकर 10 से 15 तक करनी पड़ेगी। या इससे भी छोटे ग्रुप्स बनाकर अधिक बैच चलाने होंगे। इसके अलावा मॉस्क, सैनिटाइजर, सोशल डिस्टेंसिंग सहित अन्य सावधानियों का ध्यान रखा जाएगा।
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काफी इंतजार के बाद पूरी होगी मुराद
- जिम में ट्रेनिंग लेते रहे शंकर, केविन, आशीष, शिवम, अनिकेत, हर्ष सहित अन्य ने कहा कि लंबे इंतजार के बाद उनकी मुराद पूरी हो पाएगी। जिम न खुलने के कारण फिटनेस के लिए उन्हें नए तरह के प्रयोग करने पड़ रहे थे। जैैसे सीढ़ियां चढ़ना, सड़क पर दौड़, रोप जंपिंग, बैडमिंटन, फुटबाल आदि का सहारा लेना पड़ा। अब उनका पहले वाला रुटीन लौट पाएगा।
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खिलाड़ियों को अभी इंतजार
- लॉकडाउन के बाद से स्पोर्ट्स स्टेडियम में भी खिलाड़ी नहीं जा पा रहे हैं। इसके चलते सबसे अधिक परेशानी एथलीटों को हो रही है। एथलेक्टिस कोच लाल धर्मेंद्र प्रताप कहते हैं कि जिम और योग संस्थान का तो पता चला है। मगर खिलाड़ियों और स्टेडियम के बारे में स्पष्ट गाइडलाइंस का इंतजार है। पैदल चाल में राष्ट्रीय स्तर तक प्रतिभाग कर चुके फरमान अली और डिस्कस थ्रो के खिलाड़ी अंकुश पुंडीर का कहना है कि कोराना काल का खेलों पर भी बुरा असर पड़ा है। खेल प्रशिक्षण शुरू होगा तो बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, स्टेडियम में चल रहा निर्माण कार्य भी अब तक अधूरा पड़ा है।
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