सहारनपुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों को प्रचार के लिए अनावश्यक वाहनों की अनुमति नहीं दी जाएगी। जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवारों को सिर्फ एक ही वाहन की अनुमति है। हालांकि जिला पंचायत सदस्य पदों के प्रत्याशी पूरा काफिला लेकर घूम रहे हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने प्रत्याशियों के चुनाव प्रचार के लिए गाइडलाइन निर्धारित की हुई है। ग्राम प्रधान, सदस्य ग्राम पंचायत एवं सदस्य क्षेत्र पंचायत का निर्वाचन क्षेत्र छोटा होता है। जिस कारण इन पदों पर चुनाव लड़ने वालों को प्रचार के लिए वाहन की अनुुमति नहीं है।
वहीं, जिला पंचायत सदस्य पदों के प्रत्याशियों को मतदान दिवस से पूर्व तक प्रचार के लिए एवं मतदान वाले दिन मतदान स्थलों पर भ्रमण के लिए एक वाहन की अनुमति दिए जाने का नियम है। इसके उलट अपने-अपने क्षेत्र में प्रचार कर रहे जिला पंचायत सदस्य पदों के उम्मीदवार र्कई वाहन लेकर चल रहे हैं। प्रत्येक जिला पंचायत सदस्य वार्ड में 18 से 20 तक गांव शामिल हैं। इसलिए प्रत्याशी प्रतिदिन कई-कई गांवों में प्रचार कर रहे हैं।
प्रचार वाहनों के लिए निर्धारित गाइडलाइन
- जिला पंचायत सदस्य पद के उम्मीदवार के निर्वाचन अभिकर्ता आवंटित वाहन को प्रचार के लिए उपयोग कर सकेंगे।
- वाहन पर नियुक्ति पत्र की प्रमाणित फोटो भी चस्पा करनी होगी। जिससे उम्मीदवार के वाहन की चेकिंग के समय सत्यापन हो सके।
- वाहन पर आगे के शीशे पर उम्मीदवार का नाम, वार्ड संख्या की मोटे अक्षरों में लिखी स्लिप चिपकानी होगी।
- वाहन में निर्धारित संख्या से अधिक व्यक्तियों को नहीं बैठाया जाएगा।
- दिव्यांग प्रत्याशियों को मतदान दिवस के पूर्व प्रचार एवं मतदान के दिन मतदान स्थलों के भ्रमण के लिए एक वाहन की अनुमति मिलेगी।
जिला पंचायत सदस्य पद के प्रत्याशी को प्रचार के लिए एक ही वाहन की अनुमति प्रदान की जाएगी। सभी निर्वाचन अधिकारियों को आयोग की गाइडलाइन से अवगत करा दिया है। इसका पालन कराया जाए। यदि कोई गाइडलाइन का उल्लंघन करता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।-अखिलेश सिंह, जिला निर्वाचन अधिकारी