- दफा-37 से मिलान न होने पर पंजीकरण में परेशानी
संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण का कार्य चल रहा है। जिले में शिया वक्फ की करीब 4564 संपत्तियां हैं। पोर्टल पर अभी तक 2845 संपत्तियां पंजीकृत हो चुकी हैं। इनमें से 732 संपत्तियों पर आपत्तियां लगी हैं। यदि छह जून तक सभी दस्तावेज के साथ संपत्ति को पंजीकृत नहीं किया जाता तो इनका पंजीकरण रद्द कर सरकारी भूमि मान लिया जाएगा।
आपत्तियां लगने वाली संपत्तियों में ज्यादातर कब्रिस्तान और छोटी मस्जिदें हैं। उम्मीद पोर्टल पर मुतवल्लियों को लॉगिन कर, मोबाइल नंबर, ईमेल, नाम, नक्शा, वक्फ बोर्ड से प्राप्त दफा-37, आदेश की कॉपी, फोटो एवं आधार कार्ड अपलोड करना है, जिन संपत्तियों पर आपत्तियां लगी हैं उनमें दस्तावेजों का मिलान, सही प्रमाण पत्रों का अपलोड न करना, मुतवल्लियों की जानकारी का बोर्ड में अपडेट न होना है। फिलहाल इन सभी संपत्तियों को फिर से पोर्टल पर सही जानकारी देनी होगी। अभी तक 1181 संपत्तियों का सत्यापन उम्मीद पोर्टल पर लंबित है। इसके साथ ही 420 संपत्तियाें का निर्धारित मानकों को पूरा करने के स्तर पर लंबित हैं।
- पहले छह दिसंबर 2025 थी अंतिम तिथि
केंद्र सरकार की ओर से तैयार उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों को पंजीकृत करने की अंतिम तिथि पहले छह दिसंबर 2025 तय की गई थी। इसके बाद बड़ी संख्या में संपत्तियां दर्ज न होने के चलते और परेशानी को देखते हुए इसकी मियाद छह महीने मतलब छह जून 2026 तक के लिए बढ़ा दी गई। जिले में अभी भी करीब 40 फीसदी संपत्तियों का पंजीकरण पोर्टल पर नहीं हो पाया है। सबसे अधिक परेशानी उन मुतवल्लियों को हो रही है। जिनके पास दफा-37 की जानकारी नहीं है।
- वर्जन
उम्मीद पोर्टल पर वक्फ संपत्तियों के पंजीकरण की प्रक्रिया जारी है। करीब 732 संपत्तियों पर आपत्ति लगी है। इन सभी को अपने दस्तावेज फिर से जमा कराने होंगे। पोर्टल पर संपत्ति पंजीकृत कराने की अंतिम तिथि छह जून है। - नईम पीरजादा, जिला कोऑर्डिनेटर