सहारनपुर। चाइनीज मांझे की बिक्री पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस टीमों की कार्रवाई का कोई असर दिख नहीं रहा है। शहर में पतंगबाज अब भी चाइनीज मांझे का प्रयोग कर रहे हैं। इसके चलते ही शुक्रवार को भी दो जगहों पर बच्चे सहित दो लोग चाइनीज मांझे से जख्मी हो गए। उन्हें अस्पताल में उपचार दिलाना पड़ा। एक सप्ताह के अंदर ही अब तक चाइनीज मांझे से पांच लोग घायल हो चुके हैं।
नुमाइश कैंप निवासी 18 वर्षीय युवक कार्तिक क्षेत्र में ही स्कूटी से जा रहा था। इसी दौरान चाइनीज मांझा फंसने से उसकी गर्दन और आसपास के हिस्से में घाव हो गए। उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया। इसके अलावा एक अन्य हादसे में खलासी लाइन क्षेत्र में अंबाला रोड की ओर जाने वाले ओवरब्रिज पर बाइक से जा रहे 50 वर्षीय बिट्टू मांझे की चपेट में आ गया। इसमें उसकी आंख बच गई और आंख के बराबर का हिस्सा बुरी तरह जख्मी हो गया। खून बहने लगा तो उसने पास के ही एक चिकित्सक से उपचार कराया।
बता दें कि इससे पहले ढमोला पुल के पास मिशन कंपाउंड निवासी पैथोलॉजी लैब संचालक महावीर सिंह और जिला अस्पताल पुल पर 30 वर्षीय राजकुमार चाइनीज मांझे की चपेट में आकर जख्मी हो चुके हैं। इससे पहले इसी सप्ताह में पटेल नगर क्षेत्र में अंकुर नाम का युवक पतंगबाजी करते हुए ही चाइनीज मांझे में उलझकर जख्मी हो गया था। दो दिन पहले ही सीओ द्वितीय मुकेश मिश्रा के साथ पुलिस टीमों ने थाना मंडी और थाना कुतुबशेर क्षेत्र के कुछ बाजारों में दुकानों पर छापे मारे थे। तीन दुकानदारों को हिरासत में लेकर चालान किया गया था। अन्य दुकानदारों को ऐसा मांझा न बेचने की चेतावनी दी गई थी। इनके अलावा देहात में रामपुर मनिहारान, नानौता सहित अन्य क्षेत्रों में भी चेकिंग कर चाइनीज मांझे को जब्त करते हुए आगे से इसका इस्तेमाल न करने की चेतावनी दी गई थी। इस बारे में पूछने पर कुछ थानों के प्रभारियों ने बताया कि जुमे की नमाज और गणतंत्र दिवस पर सुरक्षा पर अलर्ट की वजह से चेकिंग कुछ कम हुई है। यह फिर से तेज की जाएगी।
हर साल खतरे में पड़ती है जिंदगी
- हर साल से मकर संक्रांति से लेकर होली के बीच पतंगबाजी के दौरान चाइनीज मांझे के कारण बच्चों सहित अन्य लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ती है। इस अवधि में शहर में ही चाइनीज मांझे से 15 से लेकर 30 लोग तक घायल हो जाते हैं।
ऐसे अभियान का क्या फायदा
- बिट्टू कक्कड़, राजेश कुमार, शिवम, रोहिताश सहित अन्य लोगों का कहना है कि कहने को तो पुलिस की टीमें शहर से लेकर देहात तक चाइनीज मांझे की चेकिंग कर कार्रवाई कर रही है। मगर ऐसे अभियान का फायदा ही क्या जब कार्रवाई का असर ही दुकानदारों पर न पड़े। गुपचुप तरीके से अब भी चाइनीज मांझा बेचा जा रहा है। इस पर हर हाल में रोक लगनी चाहिए। उनका कहना है कि वे इस मामले में जल्द ही डीएम और एसएसपी से मिलेंगे।