तालाब की जमीन पर बने दो मकान ध्वस्त, हंगामा
तीतरो (सहारनपुर)। उपजिलाधिकारी के नेतृत्व में नगर पंचायत के कार्यालय के सामने स्थित 20 बीघे तालाब को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची राजस्व टीम को गांव की महिलाओं के विरोध सामना करना पड़ा। हालांकि, भारी पुलिस बल की मौजूदगी के कारण प्रदर्शन कर रहीं महिलाएं महज नारेबाजी के सिवा कुछ नहीं कर पाई। टीम ने दो अवैध मकानों सहित अन्य अतिक्रमण को जेसीबी से ध्वस्त करा दिया। बाद में टीम तालाब की जमीन को जल्द खाली करने की चेतावनी देकर लौट आई।
दरअसल, नगर पंचायत कार्यालय के सामने सरकारी तालाब में आधे कस्बे के नालियों का पानी गिरता है। लेकिन तालाब पर अतिक्रमण कर दर्जन भर से अधिक भवन व दुकानों का निर्माण कर लिया गया है। शिकायतों के मद्देनजर बृहस्पतिवार को एसडीएम पूर्ण सिंह राणा, नायब तहसीलदार अजब सिंह, नगर पंचायत के अधिशासी अधिकारी अलकेंद्र सिंह, कानूनगो साधु राम सैनी, लेखपाल अमित कुमार, शिवकुमार शर्मा, वाशु कुमार सहित राजस्व व नगर पंचायत की टीम जेसीबी लेकर अतिक्रमण हटाने पहुंची। टीम ने कार्रवाई शुरू की तो बड़ी संख्या में महिलाएं विरोध प्रदर्शन करने लगी। हालांकि, पुलिस की सख्ती के आगे उनकी एक नहंी चली। राजस्व टीम ने चौधरी कुशलपाल, ब्रजपाल के मकानों का ध्वस्त करा दिया। इसके बाद एक झोपड़ी और एक दुकान और आहता पर कार्रवाई की। विरोध कर रही महिलाओं लीला देवी, शकुंतला, शिक्षा देवी, बोहती, शीला, मोंटी देवी, सोनिया, रेखा आदि का कहना है कि उनके पास जमीन का बैनामा है। फिर भी उनके मकान गिराए जा रहे हैं। जबकि अधिकारियों का कहना था कि उनके पास फर्जी तरीके से किए गए बैनामे हैं। अभिलेखों में उक्त जमीन पर तालाब है।
नगर पंचायत अध्यक्ष मनोज कुमार ने भी तालाब पर किए गए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई का यह कहते हुए विरोध किया कि प्रशासन को अतिक्रमण हटाना है तो पहले 52 बीघे का नाईयों वाले तालाब व शमशान घाट, सती वाले तालाब से अतिक्रमण हटाए। उसके बाद यहां भी कार्रवाई करे। उधर, एसडीएम पूर्ण सिंह राणा ने कहा कि नगर में जहां-जहां तालाबों या सरकारी जमीनों पर कब्जा है उसे हटाया जाएगा।