- दूध उत्पादन हुआ कम, पशुपालकों में दहशत
संवाद न्यूज एजेंसी
बड़गांव (सहारनपुर)। क्षेत्र के पशुओं में लंपी स्किन डिजीज के प्रकोप से हाहाकार मचा है। मंगलवार को गांव दल्हेड़ी निवासी अर्जुन और मग्घू की एक-एक गाय की लंपी की चपेट में आने से मौत हो गई। जबकि जगमाल, सुरेंद्र प्रजापत, अरुण, विनोद आदि के सैकड़ों की संख्या में पशु लंपी की चपेट में हैं। बीमार पशुओं के शरीर पर गांठें निकल रही हैं, तेज बुखार और खाना-पीना भी बंद हो गया है। इलाज के अभाव में पशुओं की मौत हो रही है।
दल्हेड़ी निवासी जोगिंदर ने बताया कि पिछले आठ दिन में उनकी दो गाय इस बीमारी की चपेट में आई थी। काफी उपचार के बाद भी एक गाय की मौत हो गई है। जबकि पशु चिकित्सकों की टीम एक दिन आई उसके बाद फिर लौटकर नहीं आई। दल्हेड़ी निवासी शेर सिंह ने बताया कि गायों में यह बीमारी तेजी से फैल रही है, लेकिन अभी तक पशु चिकित्सा विभाग की टीम गांव नहीं पहुंची है। उनकी भी दो गाय इस बीमारी की चपेट में आई हुईं हैं।
दल्हेड़ी निवासी मेघराज का कहना है सबसे पहले उनकी एक बछिया लंपी की चपेट में आई थी उसके बाद धीरे-धीरे यह अन्य पशुओं में भी फैलती जा रही है। आखिरकार लंपी की बीमारी को लेकर क्षेत्रीय पशुपालक काफी परेशान है। शायद ही कोई ऐसा गांव को जहां यह बीमारी न फैली हो।
लक्षण और बचाव
पशु चिकित्साधिकारी ने बताया कि यह बीमारी ज्यादातर गाय में आती है, लेकिन कभी-कभी यह बीमारी भैंसों में भी आ जाती है। इस बीमारी के लक्षण बुखार तेज हो जाना और पूरे शरीर पर फोड़े निकलना आदि है। फोड़े जैसे-जैसे बड़े होते जाते हैं वह फूट भी जाते हैं और पशु के मुंह में से लार गिरती रहती है। जब पशु बीमार होगा तो वह घास खाना भी कम कर देता है। इसका इलाज लक्षणों पर आधारित होता है। पशुपालकों को चाहिए कि वह पशुओं के आसपास गंदगी न फैलने दें साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखें। लक्षण दिखाई देने पर तुरंत इसकी सूचना पशु चिकित्सालय में दें ताकि समय रहते पशु का इलाज कर सकें।
यह बोले पशु चिकित्साधिकारी
बड़गांव के पशु चिकित्साधिकारी जैनेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि दल्हेड़ी गांव में टीम भेजकर बीमार पशुओं का उपचार शुरू कराया जा रहा है। यहां लंपी स्किन डिजीज बीमारी के मिलते-जुलते लक्षण पशुओं में देखने को मिले हैं। क्षेत्र में पिछले दो दिन में अब तक 2500 पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है।
बड़गावं के नयागांव में पशुओं का टीकाकरण करती टीम। श्रोत- ग्रामीण
बड़गावं के नयागांव में पशुओं का टीकाकरण करती टीम। श्रोत- ग्रामीण