संवाद न्यूज एजेंसी
नानौता। किसान सहकारी चीनी मिल में करोड़ों रुपये की वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोपों के मामले में मिल की तरफ से प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। मुख्य लेखाकार की तहरीर पर पुलिस ने आउटसोर्सिंग से कार्यरत दो लेखा लिपिकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
मिल के मुख्य लेखाकार सौरभ बंसल ने थाने में दी गई तहरीर में बताया कि लेखा विभाग में कार्यरत संचित पंवार निवासी ग्राम मुंडीखेड़ी रामपुर मनिहारान को अर्नेस्ट मनी एवं ठेकेदारों के लेजर का रखरखाव सौंपा गया था। आरोप है कि उसने लेजर खातों में ओवरराइटिंग, गलत प्रविष्टियां और हेराफेरी कर कुछ ठेकेदारों के साथ मिलीभगत करते हुए डबल भुगतान कराया। चीनी मिल कॉलोनी निवासी सौरभ कंट्रोल लेजर का कार्य देख रहा था। उस पर भी अपने पद का दुरुपयोग कर वित्तीय अनियमितताओं में शामिल होने का आरोप है। दोनों कर्मचारियों ने मिल के अभिलेखों में हेराफेरी कर शासकीय एवं संस्थागत धनराशि का दुरुपयोग किया।
तहरीर में कहा गया है कि किसानों और मिल कर्मचारियों से लगातार शिकायतें मिलने के बाद विभागीय स्तर पर प्राथमिक जांच कर अभिलेखों का मिलान कराया गया। जांच में लेजर खातों में अनियमितताएं और वित्तीय गड़बड़ियां सामने आने पर मुख्य लेखाकार ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
जांच अधिकारी एसएसआई जितेंद्र सिंह ने बताया कि लगाए गए आरोपों और उपलब्ध कराए साक्ष्यों की सत्यता परखी जा रही है। तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
उधर, चीनी मिल जीएम अंकित कुमार (पीसीएस) ने बताया कि जांच आख्या में अन्य जो भी गबन में संलिप्त होंगे उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई कराई जाएगी।