सहारनपुर में जीएसटी और डीजल मूल्य वृद्धि के विरोध में ट्रांसपोर्टर्स की एक दिन की सांकेतिक हड़ताल के कारण मंगलवार को जिले में दो हजार से अधिक वाहनों के पहिए थम गए।
माल की बुकिंग, डिलीवर और ट्रकों की आवाजाही बंद रही, जिससे सहारनपुर में ही करीब करीब दो दो करोड़ रुपये का फटका लगा है। ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस के आह्वान पर देशव्यापी हड़ताल को सहारनपुर के ट्रांसपोर्टर्स ने समर्थन करते हुए एक दिन की सांकेतिक हड़ताल की।
मंगलवार को माल ढोने वाले छोटे-बड़े वाहनों का संचालन ठप रहा। सहारनपुर के लगभग दो हजार वाहन सड़कों एवं ट्रांसपोर्ट नगर में ही खड़े रहे। न तो कोई बुकिंग की गई, न ही माल की डिलीवरी। ट्रांसपोर्ट नगर में दिन भर सन्नाटा पसरा रहा।
सहारनपुर मोटर ट्रांसपोर्ट्स फेडरेशन के अध्यक्ष ब्रित चावला ने बताया कि ट्रांसपोर्टर्स की एक दिन की हड़ताल से सहारनपुर में ही लगभग दो करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। पूरे देश के 70 लाख और प्रदेश में लगभग साढ़े तीन लाख छोटे-बड़े माल वाहक वाहनों का संचालन नहीं हुआ।
इससे ट्रांसपोर्टर्स जगत को लगभग दो हजार करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। ब्रित चावला ने कहा कि सरकार ट्रांसपोर्टर्स को जीएसटी से दूर रखे।
जीएसटी के मामले में अभी नीति स्पष्ट करे, डीजल की कीमतें कम की जाएं। सरकार ट्रांसपोर्टर्स की मांगों पर गंभीरता पूर्वक विचार करे। जीएसटी से राहत दिलाएं।
ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों का उत्पीड़न समाप्त करें। सड़कें दुरुस्त करें और हाईवे पर रात में चलने वाले वाहनों के लिए सुरक्षा की व्यवस्था की जाए। हड़ताल में सहारनपुर के ट्रांसपोर्टर्स चौधरी राजपाल सिंह वर्मा, चौधरी महेंद्र सिंह, अखलाक अहमद, जुल्फाम अहमद, चौधरी विक्रम सिंह, विक्रांत सैनी, संयम कक्कड़, सरदार, दीदार सिंह सेठी, गणेश गुप्ता, राजेश दुआ आदि मुख्य रूप से शामिल रहे।