सहारनपुर के बड़गांव के गांव शब्बीरपुर में सोमवार की रात असामाजिक तत्वों ने काली देवी की मूूर्ति को खंडित कर दिया। मंगलवार सुबह लोगों को इसका पता चला तो हंगामा खड़ा हो गया। गांव में तनाव व्याप्त हो गया। उधर, शहर में बाबा साहब की प्रतिमा के साथ छेड़छाड़ कर माहौल्र बिगाड़ने की कोशिश की गई।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने मंदिर को सुरक्षा के घेरे में ले लिया और लोगों को समझाबुझा कर शांत किया। पुलिस ने खंडित मूर्ति को गंग नहर में प्रवाहित कराया और नई मूर्ति स्थापित कराने के लिए ग्रामीणों की कमेटी गठित की।
गांव स्थित भूमिया खेड़ा मंदिर में काली मां की मूर्ति स्थापित थी। सोमवार रात किसी समय असामाजिक तत्वों ने मां की इस मूर्ति को खंडित कर दिया। मंगलवार सुबह लगभग साढ़े छह बजे गांव की महिला मितलेश पूजा अर्चना करने गई तो मूर्ति को खंडित देखा। कुछ ही देर में मूर्ति खंडित होने की सूचना पूरे गांव में फैल गई।
लोग भूमिया खेड़ा मंदिर की ओर दौड़ पड़े और मौके पर पहुंची महिलाओं एवं युवकों ने हंगामा शुरू कर दिया। लोग उग्र होने लगे। गांव में तनाव की स्थिति बन गई।
सूचना मिलते ही एसपी देहात विद्या सागर मिश्र, सीओ देवबंद व थाना प्रभारी मौके पर पहुंचे और लोगों को समझा बुझाकर शांत किया। पुलिस ने मंदिर को सुरक्षा के घेरे में ले लिया और जांच शुरू कर दी।
पुलिस ने लोगों को शीघ्र ही जांच कराकर कार्रवाई कराए जाने का आश्वासन दिया। पुलिस ने तुरंत ही काली माता की दूसरी मूर्ति लगाने का आश्वासन दिया।
प्रशासन ने नई मूर्ति लगवाने की कोशिश की, जिसे ग्रामीणों ने सिरे से नकार दिया।
ग्रामीणों ने स्वयं विधि विधान के अनुसार गांव से पैसे एकत्र कर दूसरी मूर्ति लगवाने का निर्णय लिया। पुलिस ने लोगों को पूरा सहयोग करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। खंडित मूर्ति को गंग नहर में प्रवाहित करा दिया गया। पुलिस ने बताया इस मामले में अभी तक किसी भी ओर से तहरीर नहीं दी गई है।
उधर, शहर में अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में बाबा साहब की प्रतिमा पर खुराफातियों ने अपशब्द लिखा कागज चिपका कर माहौल को बिगाड़ने का प्रयास किया। पुलिस मामले को दबाने का प्रयास कर रही है।
सोमवार को शहर के अंबेडकर स्पोर्ट्स स्टेडियम में स्थित बाबा साहब डा. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के माथे पर किसी ने एक कागज पर अपशब्द लिखकर कागज चिपका दिया। अधिकारियों को इसकी जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया।
तुरंत ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और प्रतिमा को साफ कराया। मामले की जांच शुरू करा दी गई। इस घटना के बाद से शहर में भी फिजां बिगड़ने का खतरा नजर आने लगा है।
पुलिस खुराफातियों को पकड़ने की बजाय मामलों को दबाने में लगी हुई है। पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह का कहना है कि कोई बड़ा मामला नहीं था। समय पर जानकारी मिल गई थी। मामले को संभाल लिया गया है।
जो भी खुराफाती है, उसको किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।