सहारनपुर। स्मार्ट सिटी में स्मार्ट मीटर वाले विद्युत उपभोक्ता बुधवार को बिजली गुल होने की घटना के बाद से बेचैन हैं। इसके बाद स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता आशंकित हो गए हैं। हालांकि विद्युत निगम के अफसरों का दावा है कि स्मार्ट मीटरों में कोई कमी नहीं थी और न ही इससे उपभोक्ताओं को परेशानी होगी।
शहर की आवास विकास कालोनी, हकीकत नगर, पंजाबी बाग सहित कुछ अन्य जगहों के उपभोक्ताओं ने बुधवार को हकीकत नगर स्थित बिजलीघर पर हंगामा किया था। उपभोक्ताओं का कहना है कि जिस तरह स्मार्ट मीटर वालों की ही बिजली आपूर्ति ठप हुई, वैैसे भविष्य में भी उपभोक्ताओं के साथ ऐसा हो सकता है।
एक लाख 30 हजार घरों में लगने हैं स्मार्ट मीटर
बिजली गुल होने की घटना के बाद विद्युत निगम की टीमों को भी आशंका है कि आगे स्मार्ट मीटर इंस्टालेेशन में कोई परेशानी न आ जाए। शहर में एक लाख 30 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जाने हैं। अभी तक करीब 45 हजार घरों में ये लगे हैं।
गोलमाल रोकने के लिए बदले गए थे मीटर
बिजली चोरी, मैनुअल मीटर में गड़बड़ी, बिलों की त्रुटियां सहित अन्य खामियों के साथ गोलमाल रोकने के लिए स्मार्ट मीटर लगवाए गए थे। लेकिन यह मीटर लगने के बाद भी उपभोक्ताओं को परेशानी सामने आ रही हैं।
उपभोक्ता घबराएं नहीं, उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी : श्रीवास्तव
विद्युत निगम के नगरीय अधीक्षण अभियंता पंकज श्रीवास्तव का कहना है कि लखनऊ के कमांड सेंटर से ही तकनीकी खराबी के कारण सहारनपुर सहित कई जिलों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी। अब आपूर्ति सुचारु करा दी गई है। स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य एक कंपनी कर रही है। उपभोक्ता घबराएं नहीं, जिन घरों में स्मार्ट मीटर लगे हैं या लग रहे हैं। उन्हें कोई परेशानी नहीं होगी।
पुराने विद्युत मीटर
- मैनुअल ही रीडिंग ली जा सकती थी, वजन भी अधिक था।
- मीटर रीडिंग में छेड़छाड़ और गड़बड़ी की अधिक शिकायतें रही हैं
- मीटर की तेज गति या गड़बड़ी पर कोई अलार्मिग सिस्टम नहीं था
- मीटर खराब होने पर औसत बिल भेजा जाता था, इससे निगम और उपभोक्ता दोनों को परेशानी थी
स्मार्ट मीटर
- स्मार्ट मीटर में ऐसा डिवाइस होता है जो आसपास के मोबाइल टावर्स के माध्यम से बिजली कंपनी के रिसीवर तक सिग्नल भेजता है
- इस मीटर के माध्यम से विद्युत निगम के कार्यालयों से ही मीटर रीडिंग की निगरानी की जा सकती है
- यह मीटर पोस्टपेड के साथ ही प्रीपेड कनेक्शन पर भी काम कर सकता है
- इसमें लगी चिप के माध्यम से मैनुअल मीटर रीडिंग की जरूरत नहीं होती है, मोबाइल पर ही हर माह रीडिंग जा सकती है
- मीटर रीडिंग के लिए अधिक मैनपावर की जरूरत नहीं होती है
- मीटर तेज भागने या अन्य गड़बड़ी पर इसमें एप आधारित अलार्मिंग सिस्टम है।