रामपुर मनिहारान में आंधी के बाद सड़क पर गिरा पेड़। संवाद
छुटमलपुर/बड़गांव। जिले में बृहस्पतिवार रात आंधी और बारिश के साथ आई ओलावृष्टि से आम व लीची की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। बड़ी संख्या में पेड़ उखड़ गए। बागवानों की मानें तो 30 से 40 फीसदी तक आम आंधी में टूट गया है। छुटमलपुर मंडी में शुक्रवार को आंधी से टूटे आम के 20 हजार कट्टे पहुंचे। जबकि सामान्य दिनों में यह संख्या मुश्किल से दो हजार ही रहती है।
जिले में पहले ही आम उत्पादक फसल में आ रही बीमारियों और बार-बार चल रही तेज हवाओं से परेशान थे। रात के तूफान ने उनके अरमानों पर पानी फेर दिया है। आंधी की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई बागों में तो जड़ से ही पेड़ उखड़ गए। गांव कमालपुर निवासी बाग मालिक ठाकुर सूर्यकांत सिंह ने बताया कि उनके बाग में आम और लीची के चार पेड़ जड़ से उखड़ कर जमीन पर जा गिरे। फसल को भी 50 फीसदी नुकसान हुआ है। छुटमलपुर मंडी में फसल लेकर पहुंचे खुजनावर के राव इंतजार, खेड़ी के भूषण, नदीम, सलीम, शेरपुर के बुरहान आदि ने बताया कि रात की आंधी में उनकी सारी मेहनत पर बर्बाद कर दी है।
बड़गांव और आसपास के गांवों में आंधी का सबसे ज्यादा असर आम के बागों में दिखा। बागवान लख्मी, इमरान, तिलक, मुनव्वर आदि ने बताया कि तेज हवा से दशहरी, लंगड़ा और चौसा किस्म के आम जमीन पर बिछ गए। शुरुआती अनुमान के मुताबिक 30 से 40 फीसदी फसल बर्बाद हो गई है। गिरे हुए आम को बागवान औने-पौने दाम पर बेचने को मजबूर हैं, जिन बागवानों ने ठेके पर बाग दिए थे, उन्हें सबसे ज्यादा नुकसान झेलना पड़ेगा। रामपुर मनिहारान के सढोली दुनीचंदपुर के बाग ठेकेदार फरमान ने बताया कि तूफान से बागों में चौसा, दशहरी, लंगड़ा आम की किस्म गिरने से भारी नुकसान हुआ है। गांव काशीपुर निवासी प्रगतिशील बागवान रामबीर सिंह चौहान ने बताया कि आंधी ने आम उत्पादकों की कमर तोड़ कर रख दी है।
रामपुर मनिहारान में आंधी के बाद सड़क पर गिरा पेड़। संवाद