सहारनपुर। भाई दूज पर परिवहन की व्यवस्था चरमरा गई। ट्रेनों और बसों में भीड़ आलम यह रहा कि भाई-बहनों को उनमें पैर रखने तक की जगह नहीं मिली। बृहस्पतिवार को टीम ने रेलवे स्टेशन से लेकर महानगर के बस स्टैंड का लाइव किया। तीनों बस स्टैंड पर बसें पर्याप्त थीं, लेकिन वह ठसाठस भरकर चलीं। हर 10 मिनट के अंतराल में बस को रवाना किया गया। चंडीगढ़ और लुधियाना की सीधी बस नहीं मिलने पर भाई-बहन भटकते रहे। ट्रेन के शौचालयों में यात्री सफर करते दिखाई दिए।
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समय - 11:16 बजे, स्थान- कांशीराम कॉलोनी बस स्टैंड
दिल्ली रोड पर कांशीराम कॉलोनी से शामली, बागपत, दिल्ली, कैराना, पानीपत की बसें संचालित होती हैं। हर 10 मिनट में बस रवाना होती रही। फिर भी यात्रियों की भीड़ हद से ज्यादा रही। सबसे अधिक सवारी शामली की रहीं। यहां इक्का-दुक्का सवारी पानीपत की भी मिली। पानी, शौचालय और बैठने की सुविधा थी। एक बस में 30 सवारी होने के बाद रवाना किया। सभी बसें भरकर चलीं।
समय - 12:17 बजे, स्थान - मानकमऊ बस स्टैंड
रोडवेज का मानकमऊ में अस्थायी बस स्टैंड है। यहां से गंगोह, नकुड़ के साथ यमुनानगर, अंबाला की बसें मिलती हैं। छह बसें खड़ी मिलीं। यहां यात्रियों के बैठने की सुविधा नदारद मिली। पानी की व्यवस्था भी नहीं की गई। कुछ यात्री ऐसे थे, जो चंडीगढ़ बस की मांग कर रहे थे। हालांकि उन्हें परिचालक ने अंबाला से मिलने की बात कही। इसके चलते चंडीगढ़ जाने वाली सवारियों को परेशानी हुई।
समय - 12:43 बजे, स्थान-रेलवे रोड बस स्टैंड
रेलवे रोड बस स्टैंड से देहरादून, रुड़की, हरिद्वार, मेरठ के लिए बस संचालित होती है। एक तरफ देहरादून जाने वाली बसें खड़ी थीं, जबकि दूसरी तरफ मुजफ्फरनगर, मेरठ जाने वाली बसें। बसों की हालत यह थी कि इनमें यात्रियों को पैर रखने की जगह नहीं मिली। मुंडीखेड़ी निवासी अजय परिवार के साथ पहुंचे। उन्हें लुधियाना जाना था, लेकिन सीधी बस नहीं मिलने पर इधर-उधर भटकते रहे। कार्तिक शर्मा अपनी बुआ के यहां भाई दूज लेकर जा रहे थे। बस में भीड़ अधिक होने पर उन्हें सीट नहीं मिली।
समय - 12:50 बजे, स्थान- रेलवे स्टेशन
अमृतसर-पूर्णिया कोर्ट जनसेवा एक्सप्रेस अपने निर्धारित समय पर प्लेटफार्म नंबर तीन पर पहुंची। ट्रेन की हालत यह थी कि हर कोच में यात्री ठसाठस भरे हुए थे। यात्री ट्रेन के शौचालय में बैठे मिले। दरवाजे पर बैठकर जान को खतरे में डाला। दिव्यांग और महिला कोच में भी सामान्य यात्री बैठे थे। सोनिया जैन ने बताया कि वह अपने हरिद्वार में अपने भाई के तिलक करने जा रही है। दिल्ली-सहारनपुर पैसेंजर (लाल ट्रेन) बृहस्पतिवार को निरस्त रही। इस ट्रेन के यात्रियों को परेशानी हुई।