सहारनपुर में करीब आठ साल पहले जिला अस्पताल में बना ट्रामा सेंटर ईएमओ की तैनाती न होने की वजह से अधूरी सेवाएं दे रहा है। हैरत की बात यह है कि कई चिकित्सकों ने सीएमओ से मिले ईएमओ बनने के आदेश को भी दरकिनार कर दिया है।
ऐसे में ट्रामा सेंटर का संचालन अधर में अटका पड़ा है। इसका खामियाजा इमरजेंसी में पहुंचने वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उल्लेखनीय है कि जिला अस्पताल में स्थित ट्रामा सेंटर का संचालन आज तक सही ढ़ंग से शुरू नहीं हो सका है।
पिछले दिनों शासन ने प्रदेश में एक कंपनी का चयन कर ट्रामा सेंटर और ब्लड बैंक को मानव संसाधन उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी सौपी थी। कंपनी की ओर से करीब दो माह पूर्व ट्रामा सेंटर में पांच वार्ड ब्वाय भी तैनात कर दिए,
लेकिन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर की तैनाती न होने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। ट्रामा सेंटर के लिए दो आर्थो और तीन इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर के पद स्वीकृत है।
लेकिन संचालन के लिए चार आर्थो और दो सर्जन को भेज दिया गया। इनमें से अभी तक दो आर्थो ही कार्यभार ग्रहण कर अपनी सेवाएं दे रहे है। आर्थो के दो पद होने के कारण डा. शशि अग्निहोरत्री और डा. मनोज चतुर्वेदी ने पहले ही कार्यभार ग्रहण कर लिया।
इनके बाद आर्थो डा. सुनील भारद्वाज और डा. यादवेंद्र कार्यभार ग्रहण करने पहुंचे तो विभाग ने उनको ईएमओ के पद पर ज्वाइन करने के निर्देश दिए। लेकिन दोनों चिकित्सकों ने ईएमओ के पद पर ज्वाइन करने से साफ इंकार कर दिया।
वहीं सर्जन डा. अनुराग चौहान और डा. रमेश चंद्रा का स्थानांतरण भी लंबे समय पहले ट्रामा सेंटर के लिए किया गया था। इन दोनों ने भी आज तक कार्यभार ग्रहण नहीं किया। चिकित्सकों की इस लापरवाही का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
ट्रामा सेंटर में चिकित्सकों को लेकर कुछ समस्याएं आ रही है। जिसके चलते संचालन सही ढंग से शुरू नहीं हो सका है। पूरी स्थिति से शासन को अवगत कराया गया है। - डा. आशा शर्मा, सीएमएस, जिला अस्पताल