संवाद न्यूज एजेंसी
सहारनपुर। कई जिलों में परिवहन हेल्पर फर्जी एप से ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के मामले सामने आए हैं। इसके बाद से संभागीय परिवहन विभाग अलर्ट हो गया है। ऐसे मामलों पर नजर रखी जा रही है। हालांकि, जिले में फर्जी एप से लाइसेंस बनाने का कोई मामला नहीं मिला है।
दरअसल, संभागीय परिवहन विभाग ने आम लोगों को लर्निंग लाइसेंस घर बैठे ही बनवाने की सुविधा दी है। इससे उन्हें आरटीओ कार्यालय नहीं जाना पड़ता। विभाग ने 37 सेवाओं को फेसलेस किया है। अब जालसाजों ने परिवहन हेल्पर नाम का अनधिकृत एप बनाकर पूरे सिस्टम में सेंधमारी शुरू कर दी है। इस एप में आधार और नंबर प्लेट बदलवाने के भी आवेदन हो रहे हैं, जबकि यह सभी काम सिर्फ एनआईसी के सर्वर से होता है।
लखनऊ, गोरखरपुर और मेरठ आदि जिलों में परिवहन हेल्पर एप से लाइसेंस बनाने की शिकायत मिली है। इसलिए यहां संभागीय परिवहन विभाग चौकन्ना हो गया।
उधर, संभागीय परिवहन विभाग के आरआई रोहित कुमार सिंह ने बताया कि जालसाजों ने परिवहन हेल्पर एप नाम से सॉफ्टवेयर तैयार किया है, जो फर्जी है।
जिले में इस एप से लाइसेंस बनवाने का कोई मामला नहीं मिला है। उनकी अपील है कि इस एप से कोई भी लाइसेंस न बनवाएं।