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त्योहारी सीजन में ट्रेनें और बसें कम, सफर हुआ मुश्किल

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सहारनपुर। त्योहारी सीजन में ट्रेनें और बसें कम होने से यात्रियों का सफर मुश्किल हो गया है। रेलवे ने यात्रियों के लिए कई स्पेशल ट्रेनें घोषित की थी। मगर पंजाब में किसान आंदोलन के कारण 12 से अधिक ट्रेनों का संचालन चार नवंबर तक बंद कर दिया गया है। दूसरी ओर पंजाब, जम्मू और हिमाचल राज्यों के शहरों के लिए यात्रियों के लिए बसों का भी विकल्प नहीं हैं। इन हालात में अंबाला, अमृतसर, जालंधर, लुधियाना, चंडीगढ़ से लेकर जम्मू तक जाने वाले यात्री सबसे अधिक प्रभावित होंगे।
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त्योहारों से पहले सहारनपुर डिपो की रोडवेज बसों से रोजाना करीब 9000 यात्री सफर कर रहे थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 21 हजार यात्री तक हो गई है। यात्री बढ़ने के बावजूद हरिद्वार, ऋषिकेश, रुड़की सहित अन्य शहरों के लिए रोडवेज बसें नहीं बढ़ी हैं। फिलहाल 28 बसें ही पड़ोसी राज्य के लिए चल रही हैं। इन्हें बढ़ाने की मांग की जा रही है। लेकिन अनुमति नहीं मिल रही है। वहीं, कुछ टैक्सी संचालक उम्मीद लगा रहे हैं कि इस परेशानी में लंबी दूूरी के कुछ यात्री उन्हें भी मिल सकेंगे। इसलिए उन्होंने स्टेशन परिसर में टैक्सी लगाई हैं।
पंजाब, हरियाणा और उत्तराखंड के यात्री हो रहे परेशान
- रोडवेज के गंगोह बस अड्डे पर मौजूद यात्री शिवम, गोकुल सैनी और अभिनव ने बताया कि उन्हें लुधियाना जाना था। लेकिन न तो ट्रेन मिली है और न ही बस। काउंटर पर बताया गया कि अंबाला के लिए कुछ बसें हैं। लेकिन अभी नहीं मिली तो रेलवे स्टेशन की ओर जा रहे हैं। हरिद्वार रोडवेज बस अड्डे पर मिले अब्दुल, मजीद, संजय कुमार और अखिलेश ने बताया कि वे ऋषिकेश की बस के लिए इंतजार कर रहे हैं। काफी देर से नहीं मिली है। पहले तो हर दस मिनट में बस थी, अब तो लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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अंबाला, लखनऊ के लिए बढ़ाएंगे फेरे
- रोडवेज के क्षेत्रीय सहायक प्रबंधक जगदीश सिंह मानते हैं कि ट्रेनें कम होने पर बसों में यात्री बढ़ेंगे। लेकिन उत्तराखंड से बसें बढ़ाने की अनुमति नहीं मिल रही। अंबाला और लखनऊ में बसों के फेरे बढ़ाने के प्रयास किए जाएंगे। अंबाला में तो 12 की जगह 15 बसें अभी से कर दी गई हैं।
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