सहारनपुर। फसल के अवशेष जलाने से रोकने के लिए अब एनसीसी कैडेट एवं राष्ट्रीय सेवा योजना और भारत स्काउट एंड गाइड के स्वयं सेवकों की सहायता भी ली जाएगी। स्वयं सेवक फसल के अवशेष जलाने से होने वाली हानि के बारे में किसानों को जागरूक करेंगे। जनपद में पराली जलाने की अब तक 34 घटनाएं हो चुकी हैं।
किसानों को जागरूक करने के लिए अब कृषि विभाग एनसीसी कैडेट, राष्ट्रीय सेवा योजना और भारत स्काउट एंड गाइड के स्वयं सेवकों की मदद लेगा। स्वयं सेवक गांव गांव में शिविर लगाकर किसानों को फसल के अवशेष को जलाने से होने वाले नुकसान और इसे मृदा में मिलाने की फायदों के प्रति जागरूक करेंगे। इससे किसान पर्यावरण के प्रति संवेदनशील हो सकेंगे। कृषि विभाग ने इसके लिए तैयारी शुरू कर दी है।
पराली जलाने की घटनाओं पर लग चुका 1.20 लाख का जुर्माना
उप निदेशक कृषि ने बताया कि जनपद में पराली जलाने की 34 घटनाएं हो चुकी हैं। इसमें 15 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। 45 कर्मचारियों और 14 ग्राम प्रधानों को नोटिस भी जारी किए हैं। इस घटनाओं पर 1.20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। इसमें से 90 हजार रुपये वसूले भी जा चुके हैं।
किसानों को फसल के अवशेष को जलाने से रोकने के लिए जागरूकता अभियान चलेगा। इसमें एनसीसी कैडेट, भारत स्काउट एंड गाइड और राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवकों का सहयोग लिया जाएगा। इस में किसानों को फसल अवशेष जलाने के नुकसान बताए जाएंगे।
राम जतन मिश्र, उप निदेशक कृषि।