फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

घाड़ की महिलाओं को प्रशिक्षण देंगे आईआईटी, जेएनयू के प्रशिक्षक

विज्ञापन
विज्ञापन
सहारनपुर। शिवालिक रेंज के गांवों में उपलब्ध प्राकृतिक औषधियों और फसलों जैसे आम, आंवला तथा औषधीय पौधों जैसे एलोवेरा आदि से प्रोडक्ट बनाने के लिए छोटी इकाइयां तैयार की जाएंगी। इन इकाइयों में काम करने के लिए स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। खास बात यह है कि प्रोडक्ट कैसे तैयार करना है। इसकी ट्रेनिंग आईआईटी रुड़की, आईआईटी दिल्ली और जेएनयू के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों के द्वारा दी जाएगी।
विज्ञापन

उन्नत भारत अभियान के समन्वयक डॉ. हरवीर सिंह चौधरी ने बताया कि उन्नत भारत अभियान के तहत शिवालिक क्षेत्र के लिए छह कलस्टर बनाए गए हैं। सहारनपुर क्षेत्र में दो कलस्टर आए हैं, जिनमें कालूवाला पहाड़ीपुर और अलीपुर भागूवाला शामिल हैं। शेष उत्तराखंड में हैं। प्रत्येक कलस्टर में 15 गांव को शामिल किया जा रहा है। संबंधित गांवों का बेस लाइन सर्वे आईआईटी द्वारा कर लिया गया है। बेस लाइन सर्वे में पाया गया है कि उक्त क्षेत्रों में औषधीय पौधे बहुतायत मात्रा में हैं। इनके अलावा आम, आंवला, एलोवेरा, आदि का उत्पादन होता है, जिसका उत्पादन और बढ़ाया जा सकता है। क्षेत्र में छोटी इकाइयां लगाकर उक्त फलों, फसलों और औषधीय पौधों से उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारे जाएंगे।
------
आत्मनिर्भर बनेंगी महिलाएं
दोनों कलस्टर में शामिल 30 गांवों की एक हजार महिलाओं को जोड़कर दस-दस महिलाओं के स्वयं सहायता समूह बनाए जाएंगे। इसके बाद आईआईटी दिल्ली, आईआईटी रुड़की और जेएनयू के प्रशिक्षक महिलाओं को प्रशिक्षण देंगे। उसके बाद इकाइयां खड़ी कर औषधीय पौधों या फलों से उत्पाद तैयार कर उनको बाजार में उतारा जाएगा। इससे महिलाओं को अपने ही गांव और घर में रोजगार मिलेगा। जितना वह फिलहाल कमाती हैं उससे अधिक मेहनताना उन्हें दिया जाएगा।
विज्ञापन

-----
ऑनलाइन बैठक में हुई चर्चा
मंगलवार को आईआईटी दिल्ली द्वारा जेवी जैन कॉलेज के साथ ऑनलाइन बैठक की गई है। इसमें उन्नत भारत अभियान की केंद्रीय टीम से प्रोफेसर विवेक, प्रोफेसर प्रियंका, सह संयोजक डॉ. दिव्या खट्टर, आईआईटी रुड़की के अभियान संयोजक प्रोफेसर आशीष पांडेय, जेवी जैन कॉलेज के प्राचार्य डॉ. वकुल बंसल आदि शामिल हुए।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें