फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

त्योहारों में कैसे पहुंचेंगे घर, हजारों यात्रियों के लिए ट्रेनें ही नहीं

विज्ञापन
रेलवे स्टेशन से बस अड्डों की ओर जाने के लिए टेंपो में सवार होते यात्री। - फोटो : SAHARANPUR
विज्ञापन
नहीं है ट्रेन, त्योहारों में कैसे पहुंचेंगे घर
विज्ञापन

सहारनपुर। त्योहारों पर बाहरी शहरों से अपने घरों को जाने वाले हजारों यात्री इन दिनों बेहद परेशान हैं। रेलवे ने स्पेशल ट्रेेनों के संचालन की घोषणा तो कर दी। लेकिन इन यात्रियों को ये स्पेशल ट्रेनें मिल ही नहीं पा रही हैं। किसान आंदोलन के कारण स्पेशल ट्रेनों का संचालन बंद होने के कारण लुधियाना, अमृतसर, चंडीगढ़ तक जाने वाले यात्रियों को मजबूरी में टैक्सी या बस से महंगा सफर करने को मजबूर होना पड़ रहा है।
रविवार को रेलवे स्टेशन पर ऐसे ही यात्री बड़ी संख्या में मिले। इनमें बिहार, लखनऊ सहित अन्य जगहों से आकर पंजाब की ओर जाने वाले यात्री अधिक रहे। अपने सामान के साथ टैक्सी और अन्य वाहनों को ढूंढ रहे यात्री यशपाल, बसंती, राघव और जसबीर ने बताया कि उन्हें लुधियाना और अमृतसर जाना है। लेकिन जो स्पेशल ट्रेेनें घोषित की थीं, वे चल ही नहीं रही हैं। कुछ ट्रेेनें यहां सहारनपुर तक ही हैं। इसलिए यहां से आगे का सफर बेहद महंगा हो गया है। टैक्सी वाले पूरे परिवार या ग्रुप में यात्रियों को ले जाने के लिए भी चार से साढ़े छह हजार रुपये मांग रहे हैं। त्योहारों से पहले ही सफर में ही उनकी जेब ढीली हो रही है। यही हाल उन यात्रियों का है जो पंजाब की ओर से टैक्सी या अन्य निजी वाहनों से स्टेशन तक पहुंचे। इनमें ज्यादातर बिहार के मुजफ्फरपुर, समस्तीपुर, कटिहार सहित अन्य जगहों के हैं। ऐसे ही यात्री शमशेर, जुग्गी, अफसाना और कांति ने बताया कि लॉकडाउन के बाद वे फिर से पंजाब में गारमेंट्स की फैक्ट्रियों में काम के लिए गए थे। अब त्योहारों में घर जाना है तो वहां से ट्रेनें ही नहीं हैं। किसी तरह सहारनपुर तक आए हैं। यहां से ट्रेन या अन्य विकल्प देख रहे हैं। उनके सफर से पांच गुना खर्च तो यहीं तक आने में लग गया है।
विज्ञापन

20 ट्रेनों की घोषणा हुई, 12 हो गई कैंसल
- त्योहारों में यात्रियों को राहत देेने के लिए 20 स्पेशल ट्रेनों की घोषणा की गई। लेकिन इनमें 12 ट्रेनें कैंसल हो गई हैं। किसान आंदोलन के कारण इनके संचालन की संभावना पर रेलवे अफसर कुछ नहीं कह पा रहे हैं। रोडवेज की भी सीमित ही बसें चल रही हैं।
वैष्णो देवी यात्रा के लिए भी श्रद्धालु परेशान
- वैष्णो देवी जाने के लिए श्रद्धालुओं की संख्या की सीमा बढ़ाकर 15 हजार तक कर दी गई है। मगर यहां संचालित की गई ट्रेेनें नहीं चलने से ऐसे श्रद्धालु भी परेशान हैं। इसके साथ ही काशी के लिए भी स्पेशल ट्रेेनें बंद हैं।
विज्ञापन

वरिष्ठ रेलवे स्टेशन अधीक्षक कपिल शर्मा कहते हैं कि स्थगित की गई ट्रेनों के बारे में अभी कोई दिशा निर्देश नहीं मिल पाए हैं। त्योहारों में स्पेशल ट्रेनों का संचालन जरूर शुरू हुआ था। लेकिन रूट की दिक्कतों के कारण इस पर असर पड़ा हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें